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Maruti Suzuki ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड! रेलवे से भेजीं 30 लाख कारें, अब सड़क पर घटेगा ट्रैफिक?

ग्रीन लॉजिस्टिक्स पर कंपनी का बड़ा दांव, FY2031 तक 35% वाहन रेल से भेजने का लक्ष्य

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Maruti Suzuki ने रेलवे से भेजीं 30 लाख कारें, FY2031 तक 35% डिस्पैच का लक्ष्य

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki अब सिर्फ कार बेचने में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण बचाने की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है। कंपनी ने एक बड़ा माइलस्टोन हासिल करते हुए रेलवे के जरिए 30 लाख से ज्यादा वाहनों की डिलीवरी पूरी कर ली है। यह उपलब्धि भारत में ऑटोमोबाइल लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है।

Maruti Suzuki ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उसने सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने और रेलवे नेटवर्क को ज्यादा इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई है। यही वजह है कि FY2014-15 में जहां कंपनी के कुल वाहन डिस्पैच में रेलवे की हिस्सेदारी केवल 5% थी, वहीं FY2025-26 तक यह बढ़कर 26.5% हो गई है।

दिलचस्प बात यह है कि 20 लाख से 30 लाख वाहनों तक पहुंचने का सफर कंपनी ने सिर्फ 21 महीनों में पूरा किया। यानी यह Maruti Suzuki के इतिहास का सबसे तेज़ “एक मिलियन डिस्पैच” रिकॉर्ड बन गया है।

कंपनी के MD और CEO हिसाशी ताकेउची के मुताबिक, यह सिर्फ एक बिजनेस उपलब्धि नहीं बल्कि “ग्रीन लॉजिस्टिक्स मिशन” की दिशा में बड़ा कदम है। उनका कहना है कि रेलवे के जरिए वाहन भेजने से ईंधन की खपत कम होती है, कार्बन उत्सर्जन घटता है और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होता है।

Maruti Suzuki ने इस मिशन के लिए अब तक 1,372 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है। इस रकम का इस्तेमाल मानेसर और हंसलपुर प्लांट में रेलवे साइडिंग बनाने, लॉजिस्टिक्स हब तैयार करने और खास ऑटोमोबाइल रैक खरीदने में किया गया है।

Maruti Suzuki ने रेलवे के जरिए 30 लाख गाड़ियां भेजकर रचा इतिहास, पढ़ें पूरी  रिपोर्ट - maruti suzuki crosses 3 million car dispatches via indian railways


कंपनी अब आने वाले वर्षों में और बड़ा लक्ष्य लेकर चल रही है। FY2030-31 तक Maruti Suzuki चाहती है कि उसके कुल वाहन डिस्पैच में रेलवे की हिस्सेदारी 35% तक पहुंच जाए। इसके लिए हरियाणा के खरखौदा स्थित नए प्लांट में भी इन-प्लांट रेलवे साइडिंग बनाने की तैयारी चल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत की दूसरी ऑटो कंपनियां भी इसी मॉडल को अपनाती हैं, तो इससे न केवल लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी बड़ी मदद मिलेगी। आज जब बड़े शहर ट्रैफिक और प्रदूषण से जूझ रहे हैं, तब रेलवे आधारित वाहन परिवहन भविष्य की जरूरत बनता जा रहा है।

Maruti Suzuki का यह कदम इस बात का संकेत है कि अब ऑटो इंडस्ट्री सिर्फ नई कारें लॉन्च करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल सिस्टम तैयार करने पर भी जोर दे रही है।

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