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ईरान-अमेरिका युद्ध LIVE: ट्रम्प बोले “ईरान हार गया”, तेहरान बोला “आत्मसमर्पण कब्र में ले जाओ”
इज़राइल ने तेहरान पर दागे नए मिसाइल, मनामा-दुबई में धमाके, रूस ने ईरान का साथ दिया — और अमेरिका में ईरान से जुड़ा हत्या का षड्यंत्र भी बेनकाब।
नई दिल्ली/तेहरान/वाशिंगटन। मध्य-पूर्व में जो आग पिछले कुछ दिनों से धधक रही थी, वो शनिवार को और भड़क उठी। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया कि ईरान “हार गया” और उसने अपने पड़ोसियों के सामने “घुटने टेक दिए” — वहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने पलटवार करते हुए कहा कि बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक “सपना है जिसे वो अपनी कब्र में ले जाएं।”
यह महज़ बयानबाज़ी नहीं है — ज़मीन पर हालात बेहद खतरनाक हो चुके हैं।
तेहरान पर इज़राइल के नए हमले
शनिवार की सुबह इज़राइल ने तेहरान में सरकारी ठिकानों पर “व्यापक हमलों की एक नई लहर” शुरू की। ईरान के सरकारी प्रसारक ने राजधानी के पश्चिमी हिस्से में धमाकों की पुष्टि की। नुकसान और हताहतों का पूरा ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
इज़राइली हमले सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहे। लेबनान में भी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और पूर्वी शहर बालबेक — जहां ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह का मज़बूत प्रभाव है — पर हवाई हमले हुए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पूर्वी लेबनान के एक पहाड़ी इलाके के पास हुए हमलों में तीन लोग मारे गए और 16 घायल हुए।
मनामा, दुबई में धमाके — खाड़ी देश दहशत में
बहरीन की राजधानी मनामा और दुबई में भी धमाकों की खबरें आईं। खाड़ी देश जो पहले इस युद्ध से दूरी बनाए हुए थे, अब सीधे इसकी चपेट में आ रहे हैं।
सऊदी अरब ने बताया कि उसने रियाद के पास प्रिंस सुल्तान एयरबेस — जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं — की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया। इसके अलावा देश के रब अल-खाली रेगिस्तान में स्थित शायबाह तेल क्षेत्र की तरफ भेजे गए चार ड्रोन भी नष्ट किए गए।
इराक में भी दो ड्रोन हमलों ने बसरा प्रांत में अमेरिकी ठेकेदारों के इस्तेमाल वाले ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया और वहां आग लग गई।
अब तक कितना हुआ नुकसान?
अधिकारियों के मुताबिक अब तक ईरान में 1,230 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। लेबनान में 200 से अधिक और इज़राइल में एक दर्जन मौतें हुई हैं। 6 अमेरिकी सैनिक भी इस संघर्ष में जान गंवा चुके हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में ईरान के 3,000 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले हो चुके हैं — जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुख्यालय, मिसाइल साइट और नौसैनिक संपत्तियां शामिल हैं।
ट्रम्प का रुख — कोई बातचीत नहीं
राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ कह दिया है कि तेहरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी। उनकी शर्त एक ही है — बिना शर्त आत्मसमर्पण। अमेरिका ने इज़राइल को और मज़बूत करने के लिए 15.1 करोड़ डॉलर की हथियार बिक्री को मंज़ूरी दी है — जिसमें 12,000 एक हज़ार पाउंड के बम शामिल हैं। यह मंज़ूरी सामान्य संसदीय समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए दी गई।

रूस ने थामा ईरान का हाथ
इस पूरे संकट में रूस का रुख भी अहम हो गया है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक रूस ने ईरान को ऐसी जानकारी दी है जिससे वो अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों को निशाना बना सके। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पेज़ेश्कियान से फोन पर बात की और तुरंत युद्धविराम व कूटनीतिक समाधान का समर्थन जताया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि यह युद्ध “किसी के भी नियंत्रण से बाहर” जा सकता है।
अमेरिका में ट्रम्प की हत्या का ईरानी षड्यंत्र बेनकाब
इसी बीच एक और चौंकाने वाली खबर आई। अमेरिका में एक पाकिस्तानी नागरिक आसिफ रज़ा मर्चेंट (48) को ट्रम्प और अन्य अमेरिकी नेताओं की हत्या की साज़िश रचने का दोषी पाया गया। अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक उसे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने भेजा था। निशाने पर ट्रम्प के अलावा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व संयुक्त राष्ट्र राजदूत निक्की हेली भी थे।
यह पूरा घटनाक्रम बता रहा है कि यह युद्ध अब सिर्फ मिसाइलों और बमों तक सीमित नहीं — यह एक बहुआयामी संघर्ष बन चुका है जिसमें हर रोज़ नया मोर्चा खुल रहा है।
