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Iran ने Saudi Arabia में तबाह किया America का $300 मिलियन का ‘आसमानी आँख’ — E-3 Sentry AWACS की पूरी कहानी
Prince Sultan Air Base पर Iranian मिसाइल हमले में Boeing का सबसे ताकतवर जासूसी विमान हुआ नष्ट, 10 अमेरिकी सैनिक भी घायल
Riyadh/Washington: US-Iran युद्ध में अमेरिका को एक और बड़ा झटका लगा है। इस बार नुकसान सिर्फ जान-माल का नहीं, बल्कि अमेरिका की सबसे ताकतवर हवाई निगरानी क्षमता पर भी चोट पड़ी है। Iran ने Saudi Arabia स्थित Prince Sultan Air Base पर मिसाइल हमला करके अमेरिका का एक E-3 Sentry AWACS विमान पूरी तरह तबाह कर दिया। यह हमला 27 March को हुआ और इसमें कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए।
इस घटना की सबसे पहले रिपोर्ट Air & Space Forces Magazine ने की, जिसने मामले से वाकिफ सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। सोशल मीडिया पर भी इस हमले की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें Boeing का यह विमान पूरी तरह बेकार पड़ा दिखाई दे रहा है। हालांकि, US Central Command की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्या होता है E-3 Sentry AWACS?
E-3 Sentry दरअसल अमेरिका का वो उड़ता हुआ कमांड सेंटर है जिसे आसमान की आँख कहा जाता है। इसे Boeing ने विकसित किया है और इसकी कीमत लगभग $300 मिलियन यानी करीब 2,500 करोड़ रुपये है।
AWACS का पूरा नाम है — Airborne Warning and Control System। इस विमान की सबसे खास बात है इसकी पीठ पर लगी एक घूमने वाली Radar Disc, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर से दुश्मन के विमानों को पहचान सकती है और अपने लड़ाकू विमानों को दिशा-निर्देश दे सकती है।
US Air Force की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक — “E-3 Sentry दुश्मन की वायु सेना को US या NATO देशों की सीमाओं से बहुत पहले ही पहचान, पकड़ और ट्रैक कर सकता है और फिर अपने Fighter-Interceptor विमानों को उस टारगेट तक भेज सकता है।”
यह विमान सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि UK, Saudi Arabia और France भी इस्तेमाल करते हैं।
‘यह नुकसान बेहद गंभीर है’
पूर्व F-16 पायलट और AFA’s Mitchell Institute for Aerospace Studies की Director of Studies and Research Heather Penney ने Air & Space Forces Magazine को बताया कि इस विमान का खोना अमेरिका के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी करता है।

उन्होंने कहा — “E-3 की यह क्षति बेहद गंभीर है, क्योंकि ये विमान हवाई क्षेत्र की निगरानी, टारगेटिंग और पूरे युद्धक्षेत्र में बाकी सेना को दिशा देने के लिए अनिवार्य हैं।”
वहीं पूर्व Royal Australian Air Force अधिकारी और Griffith Asia Institute के Visiting Fellow Peter Layton ने Bloomberg को बताया कि यह घटना एक बड़ा संदेश देती है।
Layton ने कहा — “यह नुकसान ‘big deal’ है। यह साबित करता है कि बड़े विमान ज़मीन पर बेहद कमज़ोर होते हैं और उन्हें हर वक्त सक्रिय सुरक्षा की ज़रूरत होती है — जो हमेशा संभव नहीं होती।”
Iran की बढ़ती मारक क्षमता का संकेत
यह घटना सिर्फ एक विमान के नष्ट होने की खबर नहीं है — यह इस बात का संकेत है कि Iran की मिसाइल क्षमता अब इतनी सटीक हो चुकी है कि वह दूसरे देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बना सकती है। Saudi Arabia जैसे US के करीबी सहयोगी देश में इस तरह का हमला पूरे क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब दुनिया की नज़रें इस पर टिकी हैं कि Pentagon इसका क्या जवाब देता है — और क्या यह युद्ध और बड़े संघर्ष की तरफ बढ़ रहा है।
