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“मैंने कर दिया” – डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर किया दावा, कहा भारत-पाकिस्तान का युद्ध मैंने रोका

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को खत्म कराया, जबकि भारत सरकार ने उनके दावे को खारिज किया और कहा कि युद्धविराम का फैसला सीधे द्विपक्षीय बातचीत से हुआ था।

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डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया, जबकि नई दिल्ली ने इस दावे को सख्ती से खारिज किया।
डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया, जबकि नई दिल्ली ने इस दावे को सख्ती से खारिज किया।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर से सुर्खियाँ बटोरी हैं। उन्होंने दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो तनावपूर्ण स्थिति इस साल की शुरुआत में बनी थी, उसे उन्होंने ही खत्म कराया।

ट्रम्प, जो इस वक्त अपनी एशिया यात्रा की तैयारी में हैं, ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

“I got it done (ceasefire)… अगर आप भारत और पाकिस्तान को देखें तो वो सौदे जिनको मैंने किया, वो रूस-यूक्रेन से भी कठिन लग रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रूस-यूक्रेन आज दुनिया का सबसे मुश्किल संघर्ष है।”

ट्रम्प का दावा – “मैंने भारत-पाक युद्धविराम कराया”

एयर फ़ोर्स वन पर प्रेस वार्ता के दौरान ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच “पूर्ण और तुरंत” युद्धविराम कराया, जो कथित रूप से वॉशिंगटन की मध्यस्थता से हुआ।
उन्होंने कहा कि उनके व्यापारिक दबाव और टैरिफ नीति ने दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने में मदद की।

और भी पढ़ें : विराट कोहली की नेट प्रैक्टिस में दिखी जुनून और झुंझलाहट दोनों – दूसरे ODI से पहले टीम इंडिया में बढ़ी उम्मीदें

ट्रम्प ने आगे कहा,

“अगर मैंने टैरिफ नहीं लगाए होते, तो शायद दुनिया के आठ बड़े संघर्ष सुलझ नहीं पाते। भारत और पाकिस्तान का मामला सबसे संवेदनशील था।”

भारत ने दिया कड़ा जवाब

भारत ने ट्रम्प के इस दावे को सिरे से खारिज किया है।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि “भारत-पाकिस्तान के बीच हुई शांति वार्ता पूरी तरह द्विपक्षीय थी। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी।”

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय किसी भी बाहरी दबाव या मध्यस्थता के कारण नहीं, बल्कि दोनों देशों की सीधी बातचीत का परिणाम था।

रूस-यूक्रेन तुलना और तेल पर बयान

ट्रम्प ने एक और दावा किया कि भारत जल्द ही रूस से तेल का आयात बंद करने जा रहा है — यह भी उनकी “टैरिफ ऑफेंसिव” का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि उनके दबाव के कारण भारत-रूस व्यापार में गिरावट आई है।

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह दावा वास्तविकता से दूर है। भारत-रूस संबंध ऐतिहासिक रूप से स्थिर हैं और ऊर्जा साझेदारी दोनों देशों के लिए अहम है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया, जबकि नई दिल्ली ने इस दावे को सख्ती से खारिज किया।v


विश्लेषकों और राजनयिकों की प्रतिक्रिया

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने ट्रम्प की टिप्पणी पर कहा,

“ट्रम्प की आदत है हर सफलता का श्रेय खुद को देना, चाहे उसमे उनका योगदान हो या नहीं।”

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ माइकल कुगलमैन ने X (Twitter) पर लिखा,

“भारत-पाक संघर्ष पर अमेरिकी मध्यस्थता की बातें हर कुछ साल में उठती हैं, लेकिन नई दिल्ली हमेशा स्पष्ट रहती है — कोई तीसरा देश इसमें शामिल नहीं।”

पृष्ठभूमि – भारत-पाक तनाव और संघर्षविराम

साल 2025 की शुरुआत में दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की थी। कुछ सप्ताह बाद संघर्षविराम की घोषणा की गई।
पाकिस्तान सेना और भारत की ओर से बयानों के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।

भारत ने स्पष्ट किया कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई। इसके बावजूद, ट्रम्प अब तक कई बार यह दावा दोहरा चुके हैं कि उन्होंने ही यह “पीस डील” करवाई।

राजनीतिक रणनीति या प्रचार?

विश्लेषक मानते हैं कि ट्रम्प का यह बयान उनके 2025 चुनावी अभियानों की रणनीति का हिस्सा है।
पूर्व राजनयिकों का कहना है कि ट्रम्प हर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे को “ट्रेड डील” या “पर्सनल डिप्लोमेसी” की तरह प्रस्तुत करते हैं ताकि वे खुद को विश्व के सबसे बड़े मध्यस्थ के रूप में पेश कर सकें।

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