Connect with us

Lifestyle

सादगी में ही खूबसूरती है Dia Mirza की शादी से सीखें कैसे बनाएं अपनी वेडिंग सच में सस्टेनेबल

भव्य दिखावे से हटकर Dia Mirza और Vaibhav Rekhi ने रचाई पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार शादी, जानिए आप भी कैसे अपना सकते हैं यह रास्ता

Published

on

Dia Mirza और Vaibhav Rekhi की ईको-फ्रेंडली शादी, जहां सादगी और सस्टेनेबिलिटी ने जीता दिल

आज के दौर में शादियां सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दिखावे और खर्च की होड़ बन चुकी हैं। महंगे डेकोर, दूर-दराज से मंगाए गए फूल, भारी-भरकम गिफ्ट्स और ढेर सारा वेस्ट—इन सबके बीच पर्यावरण की चिंता कहीं पीछे छूट जाती है। लेकिन अभिनेत्री Dia Mirza और उनके पति Vaibhav Rekhi ने अपनी शादी में एक अलग और प्रेरणादायक मिसाल पेश की।

2021 में हुई उनकी शादी पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली सोच के साथ प्लान की गई थी। हाल ही में Fashionably Pernia पर बातचीत के दौरान दिया मिर्ज़ा ने कहा कि सस्टेनेबल शादियां कोई नया ट्रेंड नहीं हैं। उनके शब्दों में, “हमने ये सदियों से किया है, लेकिन हम बेवजह के कंज़म्पशन और दिखावे में उलझ गए।”

दिखावे की संस्कृति से कैसे दूर हुए हम

दिया का मानना है कि आज की उपभोक्तावादी सोच हमें यह यकीन दिलाती है कि जब तक हम ज़्यादा खर्च और बर्बादी नहीं करेंगे, तब तक हमारी खुशी या पहचान अधूरी है। इसी सोच को तोड़ते हुए उन्होंने अपनी शादी में हर छोटे-बड़े फैसले को सोच-समझकर लिया।

मेघालय से आए हाथ से बुने टोकरों को गिफ्ट के रूप में चुनना हो या मेहमानों को पौधे भेंट करना—हर चीज़ में प्रकृति का सम्मान झलकता था। फूलों की सजावट भी स्थानीय फूलों से की गई, जिससे ट्रांसपोर्टेशन का कार्बन फुटप्रिंट कम हुआ। डेकोर के लिए ज़्यादातर सामान या तो किराए पर लिया गया या फिर री-यूज़ेबल रखा गया।

आम कपल्स क्या सीख सकते हैं

सवाल ये है कि क्या हर कपल अपनी शादी को सस्टेनेबल बना सकता है? इसका जवाब है—हां, बिल्कुल। छोटे-छोटे बदलाव बड़े असर डाल सकते हैं। जैसे डिजिटल इनविटेशन भेजना, ताकि कागज़ की बर्बादी न हो। लोकल और सीज़नल फूलों का इस्तेमाल न सिर्फ सस्ता होता है बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर होता है।

वेडिंग वेन्यू का चुनाव भी अहम है। ऐसे स्थान चुनें जहां प्राकृतिक रोशनी और हरियाली हो, जिससे अतिरिक्त लाइटिंग और सजावट की ज़रूरत कम पड़े। खाने में लोकल और ऑर्गेनिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाए तो स्वाद के साथ-साथ सेहत और प्रकृति—तीनों का ख्याल रखा जा सकता है।

Happy Birthday Dia Mirza


खाना और कचरा दोनों का सही इंतज़ाम

शादियों में सबसे ज़्यादा बर्बादी खाने की होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एनजीओ के साथ मिलकर बचा हुआ खाना ज़रूरतमंदों तक पहुंचाया जा सकता है। साथ ही, कचरे को अलग-अलग करके अधिकृत रीसायक्लर्स तक भेजना भी ज़रूरी है। इससे नॉन-बायोडिग्रेडेबल वेस्ट खुले में फेंके जाने से बचता है।

सस्टेनेबल फैशन भी है स्टाइलिश

लोगों को अक्सर लगता है कि ईको-फ्रेंडली कपड़े और डेकोर स्टाइल में समझौता करते हैं, जबकि सच्चाई इसके उलट है। ऑर्गेनिक फैब्रिक, हैंडलूम और एथिकली सोर्स्ड आउटफिट्स न सिर्फ खूबसूरत दिखते हैं बल्कि लंबे समय तक इस्तेमाल भी किए जा सकते हैं। इसी तरह रीसायकल या अपसायकल मटीरियल से बना डेकोर शादी को एक अलग पहचान देता है।

चुनौतियां और उनका हल

सस्टेनेबल शादी की राह में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी और यह डर होता है कि खर्च बढ़ जाएगा। हालांकि, सही रिसर्च और पहले से प्लानिंग करने पर ऐसे कई वेंडर्स मिल जाते हैं जो सुंदरता और पर्यावरण—दोनों का संतुलन बना पाते हैं। ऑनलाइन कम्युनिटीज़ से जुड़ना या ईको-इवेंट प्लानर की मदद लेना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

कुल मिलाकर, Dia Mirza और Vaibhav Rekhi की शादी यह साबित करती है कि सादगी, संवेदनशीलता और स्टाइल एक साथ चल सकते हैं। अगर सोच बदल ली जाए, तो हर शादी धरती के लिए एक बोझ नहीं, बल्कि एक खूबसूरत संदेश बन सकती है।

और पढ़ें- DAINIK DIARY

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *