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जेल से बाहर आते ही अखिलेश यादव ने आजम खान पर किया बड़ा दावा राजनीति में नया मोड़
अखिलेश यादव ने कहा समाजवादी सरकार बनने पर आजम खान पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे होंगे वापस
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ। आजम खान आखिरकार सीतापुर जेल से करीब दो साल बाद रिहा हो गए। उनकी रिहाई ने सूबे की सियासत में नई हलचल मचा दी है। समाजवादी पार्टी (एसपी) के मुखिया अखिलेश यादव ने आजम का स्वागत करते हुए साफ कहा है कि अगर राज्य में समाजवादी सरकार बनी तो आजम पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे।
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अखिलेश यादव का बयान और सियासी संकेत
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा, “आजम खान साहब हमेशा से समाजवादी आंदोलन की सबसे मजबूत आवाज रहे हैं। बीजेपी की सरकार ने उन पर झूठे मुकदमे लगाए, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि न्याय मिलेगा। जिस तरह मौजूदा सरकार ने अपने नेताओं के मुकदमे वापस लिए हैं, वैसे ही समाजवादी सरकार में आजम खान के केस भी वापस होंगे।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश का यह बयान सिर्फ समर्थन नहीं बल्कि आजम खान को पार्टी से जोड़े रखने का एक बड़ा सियासी संदेश भी है।

आजम खान की चुप्पी और कयास
जेल से बाहर आते ही मीडिया ने आजम खान से सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। काले चश्मे में कार की अगली सीट पर बैठे आजम पूरी तरह चुप रहे। यही चुप्पी अब सियासी गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर रही है। क्या वह समाजवादी पार्टी के साथ बने रहेंगे या कोई नया रास्ता तलाशेंगे, इसका जवाब आने वाला वक्त देगा।
क्यों अहम हैं आजम खान
आजम खान मुस्लिम राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उनका प्रभाव खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति पर गहरा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में अल्पसंख्यकों का झुकाव समाजवादी पार्टी की तरफ रहा। ऐसे में अगर आजम खान पूरी ताकत से पार्टी के साथ खड़े होते हैं तो 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश की राह आसान हो सकती है।
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शिवपाल यादव का बयान
आजम खान के करीबी और एसपी नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी कहा है कि आजम किसी दूसरी पार्टी में नहीं जाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि आजम पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
आगे की सियासत
अब सबकी नजर आजम खान के अगले कदम पर है। उनकी चुप्पी ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्या वह अखिलेश यादव के साथ मजबूती से खड़े होंगे या कोई अलग रास्ता अख्तियार करेंगे? इतना तय है कि आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में आजम खान का नाम एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में रहेगा।

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