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Israel का Iran के अंदर तक जाल — IRGC Navy Chief Alireza Tangsiri की हत्या और ‘Shadow War’ की असली कहानी
Bandar Abbas में हुए Israeli हवाई हमले में IRGC Navy प्रमुख Alireza Tangsiri की मौत ने यह साबित कर दिया है कि Israel की खुफिया पहुँच Iran की सरज़मीन के भीतर कितनी गहरी है — और यह जंग सिर्फ आसमान में नहीं, परदे के पीछे भी लड़ी जा रही है।
जब दुश्मन घर के अंदर तक पहुँच जाए…
Iran की सबसे ताकतवर सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के Navy प्रमुख Alireza Tangsiri की हत्या ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। Israel के एक सटीक हवाई हमले में Tangsiri उस वक्त मारे गए जब वो Bandar Abbas में थे — यानी Tehran से करीब 1,300 किलोमीटर दूर, Strait of Hormuz के तट पर।
यह महज एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी। यह एक संदेश था — कि Israel की खुफिया नज़र Iran के किसी भी कोने तक पहुँच सकती है।
Hormuz की अहमियत और Trump का अगला दाँव
Strait of Hormuz दुनिया की सबसे संवेदनशील जलसंधियों में से एक है, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल पारगमन करता है। इस वक्त यह इलाका काफी हद तक IRGC के नियंत्रण में है। Tangsiri को निशाना बनाकर Israel ने यह स्पष्ट कर दिया कि Hormuz इस पूरे सैन्य अभियान की धुरी है।
उधर, President Donald Trump लगातार इस युद्ध के अंजाम को लेकर अपना रुख बदलते नज़र आ रहे हैं। अब वो Persian Gulf के अहम द्वीपों पर जमीनी कार्रवाई का भी विचार कर रहे हैं — मकसद है Tehran को एक आखिरी और करारा झटका देकर इस युद्ध से बाहर निकलना।
परदे के पीछे की जंग — दशकों पुरानी दुश्मनी
पिछले चार हफ्तों में Israel ने यह दिखा दिया है कि Iran के खिलाफ उसकी असली ताकत सिर्फ बम और मिसाइलें नहीं, बल्कि खुफिया तंत्र और गुप्त अभियान हैं। Bandar Abbas जैसे दूरदराज के इलाके में सटीक हमला करना यह बताता है कि Israel ने Iran की राजनीतिक और सैन्य संस्थाओं के भीतर अपना नेटवर्क कितनी गहराई से बुना है।
यह दुश्मनी नई नहीं है। साल 2010 में Hamas की सैन्य शाखा के सह-संस्थापक Mahmoud al-Mabhouh की Dubai में हत्या — जिसके लिए Israel की खुफिया एजेंसी Mossad को जिम्मेदार माना गया — ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। उस ऑपरेशन में यूरोपीय देशों के जाली पासपोर्ट इस्तेमाल हुए थे। वहीं Iran की तरफ से भी New Delhi समेत दुनिया के कई देशों में Israeli दूतावासों और अधिकारियों पर हमले होते रहे हैं।
आज जो युद्ध खुलकर सामने है — 2025 की 12-दिवसीय जंग और उसके बाद का यह संघर्ष — वो दरअसल सालों से परदे के पीछे चल रही लड़ाई का सार्वजनिक रूप है।
IRGC कमज़ोर, पर खत्म नहीं
Iran में Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद से शुरू हुए ये “decapitation strikes” यानी शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की रणनीति ने IRGC को भारी नुकसान पहुँचाया है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि IRGC को आसानी से समाप्त नहीं किया जा सकता। यह महज एक सैन्य संगठन नहीं, बल्कि Iran की राज्य व्यवस्था में गहरे धँसा हुआ एक तंत्र है।
MI6 के पूर्व प्रमुख Sir Alex Younger ने हाल ही में एक British अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा कि Iran फिलहाल इस संघर्ष में ऊपरी पलड़े पर है। उनके मुताबिक Iran की “horizontal escalation” की रणनीति — यानी दोस्त-दुश्मन की परवाह किए बिना सभी सुलभ ठिकानों पर हमला करना — अब तक कारगर रही है।

Iran के भीतर डर का माहौल
September 2025 से Tehran ने Israel के लिए जासूसी करने के आरोप में दर्जनों लोगों को फाँसी के आदेश दे दिए हैं। विश्लेषक मानते हैं कि यह कदम देशद्रोह से उपजे आक्रोश से कम और घबराहट से ज़्यादा प्रेरित है — ताकि एक पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक दबाव में जी रही जनता को विदेशी एजेंसियों से दूर रखा जा सके।
दूसरी तरफ, पिछले हफ्ते Israel में भी दो लोगों को — जिनमें एक किशोर और एक सैन्य आरक्षित सैनिक शामिल हैं — IRGC के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह shadow war दोनों तरफ से खेली जा रही है।
America की दुविधा और Gulf देशों का दबाव
United States इस युद्ध में Iraq और Afghanistan जैसे दलदल में नहीं फँसना चाहता। लेकिन Gulf देशों का दबाव है कि काम आधा छोड़ना खतरनाक होगा — एक “जीत” का दावा करने वाला और ताकतवर Iran पूरे क्षेत्र के लिए और भी बड़ा खतरा साबित होगा।
आगे क्या?
Iran के टिके रहने की संभावना अब भी बनी हुई है। और जब American सैन्य अभियान थमेगा, तो Israel और Iran के बीच की यह जंग किसी न किसी रूप में जारी रहेगी। Gulf देश और Israel, Iran को इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी भूमिका देने के लिए कतई तैयार नहीं दिखते। लेकिन बिना किसी समझौते के, यह पूरा इलाका अनिश्चितता की आग पर बैठा रहेगा।
नतीजा यह होगा कि आने वाले वर्षों में — शायद दशकों तक — गुप्त अभियान, जासूसी, और shadow wars ही इस क्षेत्र की नई वास्तविकता बन जाएगी।
