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अमेरिकी अर्थशास्त्री Jeffrey Sachs की चेतावनी: “UAE अगर युद्ध में उतरा तो Dubai और Abu Dhabi हो जाएंगे तबाह”

US-Iran तनाव के बीच UAE की नीति पर उठे सवाल — Jeffrey Sachs ने कहा, Abraham Accords पर दस्तखत करना Gulf देशों की ‘बड़ी भूल’ थी

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अमेरिकी अर्थशास्त्री Jeffrey Sachs ने चेताया — US-Iran युद्ध में UAE के शामिल होने पर Dubai और Abu Dhabi निशाने पर आ सकते हैं।

Washington/Dubai: दुनिया के जाने-माने अमेरिकी अर्थशास्त्री Jeffrey Sachs ने UAE को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर UAE ने US और Israel के साथ मिलकर Iran के खिलाफ चल रहे युद्ध में कदम रखा, तो इसकी सबसे बड़ी कीमत उसके दो सबसे चमकते शहरों — Dubai और Abu Dhabi — को चुकानी पड़ सकती है।

Sachs ने ANI से बातचीत में बिल्कुल साफ शब्दों में कहा — “Basically, Dubai और Abu Dhabi को उड़ाया जा सकता है अगर UAE इस युद्ध में शामिल हो गया।” उन्होंने याद दिलाया कि ये शहर कोई सैन्य अड्डे नहीं हैं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े पर्यटन केंद्र हैं जहाँ अमीर लोग आराम करने और अपना पैसा लगाने आते हैं। युद्ध में उतरने का मतलब होगा इन शहरों की पूरी पहचान और अर्थव्यवस्था को दाँव पर लगाना।

Strait of Hormuz और UAE की तैयारी

Financial Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने अपने सहयोगी देशों — जिनमें US भी शामिल है — को यह संकेत दे दिया है कि वह Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए बनाए जा रहे एक बहुराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन में शामिल होने को तैयार है। इस अहम जलमार्ग से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति पर निर्भर है।

लेकिन Sachs इस कदम को भी UAE की भारी गलती मानते हैं। उनका कहना है कि Gulf देशों को यह समझना होगा कि अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर आँखें मूँदकर निर्भर रहना बेहद खतरनाक रणनीति है।

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Abraham Accords को बताया ‘मौलिक भूल’

Abraham Accords पर हस्ताक्षर करने के UAE के फैसले को भी Sachs ने एक बड़ी रणनीतिक चूक करार दिया। उन्होंने इसे ‘fundamental miscalculation’ यानी एक मौलिक गलत अनुमान बताया। Sachs का मानना है कि US को अरबों-खरबों डॉलर देने और उसके साथ खड़े रहने का वादा करते हुए Iran को ‘दुश्मन’ कहना न तो समझदारी है, न ही स्थायी सुरक्षा की गारंटी।

उन्होंने कहा, “आप सोचते हैं कि हारती हुई बाज़ी पर और दाँव लगाना सही तरीका है? यही वो कर रहे हैं।”

Iran की सीधी चेतावनी

दूसरी तरफ, Iran ने West Asia के देशों को पहले ही आगाह कर दिया है कि अगर किसी ने अपनी जमीन पर US को सैन्य अड्डे स्थापित करने की इजाज़त दी और उन्हें Iran के खिलाफ इस्तेमाल किया गया, तो उस देश को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ऐसे में UAE के लिए यह रास्ता जितना आसान दिखता है, ज़मीनी हकीकत उतनी ही पेचीदा है। Jeffrey Sachs की यह चेतावनी न केवल UAE बल्कि पूरे Gulf क्षेत्र के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है — क्या किसी और की लड़ाई में कूदना वाकई समझदारी है?