Connect with us

India News,

8 घंटे हवा में उड़ता रहा विमान, फिर वापस दिल्ली एयर इंडिया की वो गलती जो यात्रियों को पड़ी बहुत महंगी

दिल्ली से वैंकूवर जाने वाली फ्लाइट AI185 चीन की सीमा पर पहुँचकर पलट गई — असल में एयरलाइन ने गलत विमान ही भेज दिया था!

Published

on

एयर इंडिया की फ्लाइट AI185 — जो दिल्ली से वैंकूवर के लिए उड़ी, 8 घंटे हवा में रही और वापस दिल्ली ही उतरी। कारण था गलत विमान तैनात करना।
एयर इंडिया की फ्लाइट AI185 — जो दिल्ली से वैंकूवर के लिए उड़ी, 8 घंटे हवा में रही और वापस दिल्ली ही उतरी। कारण था गलत विमान तैनात करना।

नई दिल्ली। कल्पना कीजिए — आप सुबह-सुबह एयरपोर्ट पहुँचते हैं, घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, सीट बेल्ट बाँधते हैं, ऊपर से खाना खाते हैं, फिल्म देखते हैं — और करीब आठ घंटे बाद विमान उसी जगह उतर जाता है जहाँ से चढ़े थे। यही हुआ एयर इंडिया की फ्लाइट AI185 के सैकड़ों यात्रियों के साथ, जो कनाडा के वैंकूवर जा रहे थे।

19 मार्च 2026 को दिल्ली से वैंकूवर के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI185 करीब आठ घंटे बाद वापस दिल्ली लौट आई — और इसकी वजह थी एयरलाइन की एक बड़ी चूक।

क्या हुआ था असल में?

फ्लाइट AI185 दिल्ली से सुबह 11:34 बजे उड़ी और पूर्व की तरफ — यानी कनाडा की ओर — बढ़ने लगी। लेकिन करीब चार घंटे बाद जब विमान चीन के कुनमिंग शहर के पास उसकी हवाई सीमा में दाखिल हुआ, तब जाकर एयरलाइन के अधिकारियों को एहसास हुआ कि जो विमान भेजा गया है, उसे कनाडा में उतरने की अनुमति ही नहीं है।

और भी पढ़ें  “ईरान युद्ध इज़रायल के दबाव में शुरू हुआ” Trump के सबसे बड़े आतंकवाद-रोधी अधिकारी Joe Kent ने दे दिया इस्तीफा

दरअसल एयर इंडिया के पास Boeing 777 के दो वेरिएंट हैं — 777-200LR और 777-300ER। कनाडा में उड़ान भरने की मंजूरी सिर्फ 777-300ER को मिली हुई है, लेकिन इस बार गलती से 777-200LR भेज दिया गया।

बात कुछ ऐसे समझिए — जैसे किसी को दिल्ली से मुंबई जाने के लिए AC ट्रेन का टिकट दिया जाए, लेकिन प्लेटफॉर्म पर General डिब्बे वाली ट्रेन खड़ी हो और वह भी आधे रास्ते में पता चले।

लौटा तो सही, पर नुकसान कितना?

जब तक विमान वापस दिल्ली उतरा, Boeing 777-200LR कुल 7 घंटे 54 मिनट हवा में रहा — बिना मंजिल पहुँचे।

एक Boeing 777 हर घंटे करीब 8 से 9 टन ईंधन जलाता है। यानी इस एक गलती की वजह से एयर इंडिया को ईंधन, यात्रियों को होटल में ठहराने और अगले दिन की उड़ान के खर्च मिलाकर करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

एयर इंडिया की फ्लाइट AI185 — जो दिल्ली से वैंकूवर के लिए उड़ी, 8 घंटे हवा में रही और वापस दिल्ली ही उतरी। कारण था गलत विमान तैनात करना।


यात्रियों का क्या हुआ?

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि अगले दिन सुबह उसी यात्रियों को लेकर वैंकूवर के लिए फ्लाइट रवाना हुई। यात्रियों को रात होटल में ठहराया गया और जरूरी सहायता दी गई। एयरलाइन ने खेद जताया, लेकिन यात्री स्वाभाविक रूप से नाराज थे — आखिर उन्होंने एक दिन और गँवा दिया।

यह पहली बार नहीं है

यह कोई पहली घटना नहीं है। नवंबर में भी ऐसे ही एक मामले में DGCA ने एयर इंडिया पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया था और वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारियों को हटाने के साथ संबंधित पायलटों को सस्पेंड किया था।

यह सब उस हादसे के बाद और भी संवेदनशील हो गया है, जब जून 2025 में अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद एयर इंडिया की एक Boeing 787 Dreamliner क्रैश हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी।

एयर इंडिया का बयान

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “फ्लाइट AI185 एक ऑपरेशनल कारण से वापस दिल्ली लौटी। विमान सुरक्षित उतरा और सभी यात्री व क्रू सदस्य सकुशल हैं। हम असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं।”

लेकिन सवाल यह है — इतनी बड़ी एयरलाइन में उड़ान से पहले यह बुनियादी जाँच क्यों नहीं हुई कि जो विमान जा रहा है, उसे उस देश में जाने की मंजूरी भी है या नहीं?

अंत में यही कहा जा सकता है — हवाई सफर में सुरक्षा पहली जरूरत है, और इस तरह की लापरवाही न सिर्फ यात्रियों का समय और पैसा बर्बाद करती है, बल्कि एयरलाइन की साख को भी धक्का पहुँचाती है।