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SCO समिट में भारत का सख्त रुख जॉइंट स्टेटमेंट से किया इनकार पाकिस्तानी मंत्री रह गए देखते
एससीओ समिट 2025 में भारत ने साझा बयान पर दस्तखत करने से इनकार कर कड़ा संदेश दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से मिलने से भी परहेज़ किया।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट 2025 में भारत का रुख इस बार बेहद सख्त और स्पष्ट नजर आया। जब सभी सदस्य देशों ने साझा बयान (Joint Statement) पर हस्ताक्षर किए, तब भारत ने इससे किनारा कर लिया। यह न केवल संगठन के भीतर भारतीय आत्मनिर्भर नीति का प्रतीक है, बल्कि पाकिस्तान को भी एक कड़ा कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जो समिट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से दूरी बनाकर रखी। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी प्रतिनिधि आसिफ कई बार भारतीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

दूसरे देशों के प्रतिनिधि जहां आपसी सहयोग और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, वहीं भारत ने साझा बयान से खुद को अलग रखकर यह संकेत दिया कि वह सिर्फ दिखावटी मंच पर नहीं, बल्कि ठोस और व्यावहारिक नीतियों के साथ आगे बढ़ना चाहता है।
The Defence Strategist of India,” यानी राजनाथ सिंह, ने किसी भी तरह की औपचारिक बातचीत से इंकार कर यह साफ कर दिया कि सीमा पार आतंकवाद और द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत अब कोई नरमी नहीं दिखाएगा।
भारत के इस रुख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र की छवि के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने न केवल SCO में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि पाकिस्तान को भी यह जता दिया है कि अब पुराने खेल नहीं चलेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, यह भी उल्लेखनीय रहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि ऊर्जा, व्यापार और डिजिटल सहयोग पर फोकस रखा, और ऐसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जो वैश्विक असर डाल सकें।
