Connect with us

World News

मां मीरा नायर को बेटे ज़ोहरन ने दिलाई दिशा – ‘हैरी पॉटर’ छोड़ ‘द नेमसेक’ बनाने का फैसला

14 साल के ज़ोहरन ममदानी ने दी थी मां मीरा नायर को सलाह – “कई निर्देशक बना सकते हैं हैरी पॉटर, लेकिन सिर्फ़ आप बना सकती हैं The Namesake”

Published

on

मीरा नायर को बेटे ज़ोहरन ममदानी ने दी थी सलाह – ‘Harry Potter’ छोड़ ‘The Namesake’ बनाओ
14 साल की उम्र में बेटे ज़ोहरन ममदानी ने मां मीरा नायर को ‘Harry Potter’ छोड़ ‘The Namesake’ बनाने की सलाह दी थी।

न्यूयॉर्क सिटी के 111वें मेयर बने ज़ोहरन ममदानी आज दुनिया भर में सुर्खियों में हैं। वे न सिर्फ़ अमेरिका के पहले मुस्लिम मेयर हैं, बल्कि दक्षिण एशियाई मूल के पहले व्यक्ति भी हैं जिन्होंने न्यूयॉर्क जैसे ऐतिहासिक शहर की कमान संभाली है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कभी इसी ज़ोहरन ने अपनी मां, प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक मीरा नायर को एक ऐसा निर्णय लेने में मदद की थी जिसने भारतीय सिनेमा का रुख बदल दिया।

जब मीरा नायर के सामने था बड़ा चुनाव

साल 2018 के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में मीरा नायर ने एक दिलचस्प किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया कि उन्हें एक समय Warner Brothers ने Harry Potter and the Goblet of Fire निर्देशित करने का ऑफ़र दिया था। उसी वक्त वे The Namesake पर काम कर रही थीं, जो झुम्पा लाहिड़ी के मशहूर उपन्यास पर आधारित थी।

मीरा नायर को बेटे ज़ोहरन ममदानी ने दी थी सलाह – ‘Harry Potter’ छोड़ ‘The Namesake’ बनाओ


मीरा ने कहा,

“उन्होंने Vanity Fair देखी थी और लगा कि मैं Harry Potter 4 जैसी फिल्म संभाल सकती हूं। लेकिन मैं उस समय The Namesake की गहराई में डूबी थी। मेरी सास का अचानक निधन हुआ था, और मैं उसी भावनात्मक दौर में थी। उस दुःख ने मुझे The Namesake बनाने के लिए प्रेरित किया।”

बेटे ज़ोहरन की सलाह बनी Turning Point

जब मीरा उलझन में थीं कि क्या उन्हें अपनी फिल्म छोड़कर Harry Potter करनी चाहिए, तब उनके 14 वर्षीय बेटे ज़ोहरन ममदानी ने उन्हें दिशा दिखाई।

“मैंने अपने बेटे से पूछा, क्या मुझे Harry Potter करनी चाहिए? उसने कहा, ‘मामा, बहुत सारे अच्छे निर्देशक Harry Potter बना सकते हैं, लेकिन The Namesake सिर्फ़ आप बना सकती हैं।’ यह सुनकर मेरे मन का बोझ हल्का हो गया,” मीरा ने बताया।

यही बात आगे चलकर भारतीय सिनेमा के लिए एक अहम मोड़ साबित हुई। The Namesake आज भी प्रवास, पहचान और परिवार की भावनाओं पर बनी सबसे संवेदनशील फिल्मों में गिनी जाती है।

आज वही बेटा बना न्यूयॉर्क का मेयर

वही ज़ोहरन, जिसने किशोरावस्था में अपनी मां को The Namesake चुनने की प्रेरणा दी थी, अब अमेरिका की राजनीति में नया अध्याय लिख चुका है।
उगांडा में जन्मे ज़ोहरन ममदानी सात साल की उम्र में न्यूयॉर्क आए थे। उन्होंने Bronx High School of Science और Bowdoin College से पढ़ाई की। राजनीति में आने से पहले वे रैप आर्टिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता और अपनी मां की फिल्मों में सहायक रह चुके हैं।

ज़ोहरन ममदानी बने न्यूयॉर्क के पहले भारतीय मुस्लिम मेयर, मोदी पर टिप्पणी से मचा हंगामा


34 वर्षीय ममदानी ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्योमो को हराकर न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बनने का गौरव हासिल किया। उनका यह सफर न सिर्फ़ राजनीतिक रूप से ऐतिहासिक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह कला और विचार की विरासत एक पीढ़ी से दूसरी में स्थानांतरित होती है।

मीरा नायर और ज़ोहरन की कहानी – प्रेरणा का प्रतीक

आज जब मीरा नायर और ज़ोहरन दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, उनकी यह कहानी एक संदेश देती है – कि कला और संवेदना की ताकत सिर्फ़ कैमरे या राजनीति तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह इंसान को अपने निर्णयों में साहस देती है।