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36 गेंदों में शतक और इतिहास रच गया भारत का यह युवा बल्लेबाज़, विजय हजारे ट्रॉफी में मचा दिया तूफान

विजय हजारे ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेली ऐसी पारी, जिसने घरेलू क्रिकेट को हिला दिया

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विजय हजारे ट्रॉफी में 36 गेंदों में शतक लगाने के बाद जश्न मनाते वैभव सूर्यवंशी
विजय हजारे ट्रॉफी में 36 गेंदों में शतक लगाने के बाद जश्न मनाते वैभव सूर्यवंशी

भारतीय घरेलू क्रिकेट में आए दिन नए सितारे चमक रहे हैं, लेकिन कुछ पारियां ऐसी होती हैं जो लंबे समय तक याद रखी जाती हैं। विजय हजारे ट्रॉफी के एक मुकाबले में युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने ठीक वैसी ही पारी खेली, जिसने क्रिकेट फैंस और चयनकर्ताओं—दोनों का ध्यान खींच लिया।

अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने महज़ 36 गेंदों में अपना शतक पूरा कर इतिहास रच दिया। यह न सिर्फ टूर्नामेंट की सबसे तेज़ पारियों में से एक रही, बल्कि घरेलू क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाज़ी की एक नई मिसाल भी बन गई।

पहली गेंद से ही आक्रामक इरादे

मैच की शुरुआत से ही वैभव के इरादे साफ थे। उन्होंने गेंदबाज़ों को जमने का मौका ही नहीं दिया। पावरप्ले में चौकों-छक्कों की बारिश करते हुए उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज़ी आक्रमण को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

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उनकी पारी में टाइमिंग, पॉवर और आत्मविश्वास—तीनों का जबरदस्त मेल देखने को मिला। खास बात यह रही कि यह आक्रमकता बिना लापरवाही के थी, जो किसी भी बड़े खिलाड़ी की पहचान मानी जाती है।

घरेलू क्रिकेट को मिला नया हीरो

विजय हजारे ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इस तरह की पारी खेलना आसान नहीं होता। यह वही मंच है जहां से कई दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों ने अपने करियर को नई उड़ान दी है। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी भी उन्हें भविष्य के बड़े दावेदारों की कतार में खड़ा करती है।

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टीम के लिए क्यों थी यह पारी खास

वैभव के इस तूफानी शतक ने उनकी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मैच एकतरफा होता चला गया और विपक्षी टीम दबाव में साफ नजर आई। ऐसे प्रदर्शन न सिर्फ मैच जिताते हैं, बल्कि टीम के ड्रेसिंग रूम में आत्मविश्वास भी भर देते हैं।

आगे क्या है वैभव सूर्यवंशी के लिए?

अगर वैभव इसी तरह निरंतर प्रदर्शन करते रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब उनके नाम की चर्चा सिर्फ घरेलू क्रिकेट तक सीमित न रहे। चयनकर्ता भी ऐसे ही खिलाड़ियों पर नजर रखते हैं जो बड़े मंच पर बिना डरे खेल दिखा सकें।

विजय हजारे ट्रॉफी में खेली गई यह पारी शायद वैभव सूर्यवंशी के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो—और भारतीय क्रिकेट को एक और विस्फोटक बल्लेबाज़ मिल जाए।

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