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तेहरान में खौफ की सुबह: अमेरिकी–इज़रायली हमले में खामेनेई कम्पाउंड को भारी नुकसान? सैटेलाइट तस्वीरें वायरल
चीनी कंपनी द्वारा जारी हाई-रेज़ोल्यूशन तस्वीरों ने हमले के दावों को और तेज़ किया, ईरान ने कहा– “हम जवाब देंगे।”
मध्य–पूर्व में तनाव अपने चरम पर है। शनिवार सुबह United States और Israel द्वारा किए गए कथित संयुक्त हवाई हमले ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी। रिपोर्टों के मुताबिक, हमला Tehran के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुआ, जहाँ ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei का आधिकारिक कम्पाउंड स्थित है।
चीनी सैटेलाइट कंपनी की ओर से जारी कुछ नई हाई-रेज़ोल्यूशन तस्वीरें दावा करती हैं कि कम्पाउंड के एक हिस्से को गंभीर क्षति पहुँची है। हालांकि स्वतंत्र स्रोतों द्वारा इन तस्वीरों की पुष्टि अभी जारी है।
हमले की तीव्रता ने बढ़ाई बेचैनी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धमाकों की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने घरों से उठते धुएँ की तस्वीरें साझा कीं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि सीमित है।
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ईरानी मीडिया का कहना है कि हमले में “रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया”, लेकिन नुकसान का वास्तविक पैमाना अभी स्पष्ट नहीं है।
ईरान की पहली प्रतिक्रिया—“सख्त जवाब दिया जाएगा”
ईरान की संसद के एक वरिष्ठ सदस्य ने बयान दिया कि यह हमला “युद्ध छेड़ने की सीधी कोशिश” है और इसका जवाब समय पर और जगह चुनकर दिया जाएगा।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस आक्रामकता पर चुप्पी साधी, तो क्षेत्र को “अपरिवर्तनीय परिणामों” का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिका–इज़रायल की चुप्पी ने बढ़ाई अटकलें
अब तक ना यूएस और ना इज़रायल ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि दोनों देश अक्सर ऐसे संवेदनशील अभियानों पर चुप्पी साधे रहते हैं।

कुछ विशेषज्ञ इसे अप्रैल में हुए ड्रोन हमलों का प्रतिशोध बताते हैं, जबकि कुछ इसे बड़े स्तर पर शुरू हो रही शक्ति–प्रदर्शन की रणनीति मान रहे हैं।
चीनी सैटेलाइट तस्वीरों ने बढ़ाई हलचल
चीनी कंपनी DragonSpace ने जो तस्वीरें जारी की हैं, उनमें कम्पाउंड की दीवारों के ढहे होने और कुछ भवनों के काले पड़े हिस्सों को देखा जा सकता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला अत्यंत सटीक मिसाइलों से किया गया होगा।
हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने यह भी कहा कि तस्वीरें पुरानी भी हो सकती हैं, इसलिए निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए और सबूतों की ज़रूरत है।
क्षेत्र में तनाव बढ़ने का खतरा
पहले से ही तनावग्रस्त मध्य–पूर्व में यह हमला एक बड़े भू–राजनीतिक संकट का रूप ले सकता है। कुवैत, कतर और ओमान ने अपने दूतावासों को अलर्ट पर रख दिया है। ऊर्जा बाज़ार में भी उथल–पुथल दिख रही है, कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों को डर है कि अगर ईरान जवाबी हमला करता है, तो यह संघर्ष खाड़ी क्षेत्र और दुनिया के कई देशों को प्रभावित कर सकता है।
