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Donald Trump ने ईरान को कहा “मध्य-पूर्व का हारा हुआ” आज बड़े हमले की चेतावनी, ईरानी राष्ट्रपति बोले “항복 कब्र में ले जाओ”
Truth Social पर ट्रंप का धमाकेदार पोस्ट — “ईरान नरक में पिट रहा है, उसने माफी माँगी और समर्पण किया”; ईरानी राष्ट्रपति ने कहा — “समर्पण का सपना कब्र में ले जाओ”
राजनीति में शब्द भी हथियार होते हैं — और डोनाल्ड ट्रंप इस हथियार के माहिर हैं। जब पूरी दुनिया मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध की तबाही देख रही थी, तब ट्रंप ने अपने Truth Social अकाउंट पर एक पोस्ट लिखी जो अखबारों की सुर्खी बन गई।
ट्रंप ने लिखा — “ईरान, जो नरक में पिट रहा है, उसने अपने मध्य-पूर्व के पड़ोसियों से माफी माँगी और समर्पण किया है, और वादा किया कि वह उन पर अब गोलीबारी नहीं करेगा। यह वादा सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका और इजरायल ने बेरोकटोक हमले किए।”
इतना ही नहीं, ट्रंप ने ईरान को सीधे तौर पर “मध्य-पूर्व का हारा हुआ” करार दिया और लिखा — “ईरान अब ‘मध्य-पूर्व का गुंडा’ नहीं रहा — वह अब ‘मध्य-पूर्व का सबसे बड़ा हारा हुआ’ है, और दशकों तक ऐसा ही रहेगा जब तक वह समर्पण नहीं करता, या — जो ज़्यादा संभव है — पूरी तरह ढह नहीं जाता।”
ट्रंप की धमकी — “आज ईरान को बहुत ज़ोर से मारा जाएगा”
ट्रंप ने Truth Social पर चेतावनी दी — “आज ईरान को बहुत ज़ोर से मारा जाएगा। ईरान के बुरे व्यवहार के कारण ऐसे इलाकों और लोगों के समूहों पर पूरी तबाही और मौत पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है जिन्हें अब तक निशाना नहीं बनाया गया था।”
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यह एक चेतावनी नहीं, एक खुली घोषणा थी — और दुनिया साँस रोककर देख रही थी।
खामेनेई के बाद ईरान का यह पहला “नरम संकेत”
इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्किान ने घोषणा की कि ईरान अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेगा “जब तक उन देशों से ईरान पर हमला नहीं किया जाता।” यह एक तरह का पीछे हटने का संकेत था — खाड़ी देशों को राहत दिलाने की कोशिश।
लेकिन ट्रंप ने इसे “समर्पण” बता दिया। पेज़ेश्किान ने पलटवार किया।
ईरानी राष्ट्रपति ने दो-टूक कहा — “दुश्मन ईरानी जनता के समर्पण का सपना अपनी कब्र में ले जाएँ।”यानी एक तरफ थोड़ी नरमी, दूसरी तरफ तेवर बरकरार।
ट्रंप का अगला दाँव — “रीबिल्डिंग” का लालच
ट्रंप ने इससे पहले शुक्रवार को ईरान से “बिना शर्त समर्पण” की माँग की थी और साथ में यह भी कहा था कि अगर ईरान नई सरकार बनाए तो अमेरिका उसकी अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने में मदद करेगा। गाजर और डंडा — दोनों एक साथ।

Florida में “शील्ड ऑफ अमेरिकाज़” सम्मेलन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान में “बहुत अच्छा कर रहा है” और यह युद्ध “सिर्फ मध्य-पूर्व के लिए नहीं, पूरी दुनिया के लिए एक सेवा” है।
युद्ध एक हफ्ते में कहाँ पहुँचा?
एक हफ्ते की लड़ाई में ईरान में कम से कम 940 लोग मारे जा चुके हैं। इजरायल में 11 और लेबनान में 217 लोगों की मौत हुई है। खाड़ी देशों के ऊपर मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात हो रही है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों और मालवाहक जहाज़ों की आवाजाही पिछले हफ्ते करीब 90% गिर गई। यानी दुनिया की तेल आपूर्ति की सबसे संकरी नस पर हाथ पड़ गया है।
ईरान का जवाब — रूस से मदद?
रिपोर्टें आई हैं कि रूस ने ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ख़ुफ़िया जानकारी मुहैया कराई। अगर यह सच है, तो यह युद्ध सिर्फ मध्य-पूर्व का नहीं — एक बड़ी वैश्विक शतरंज की बिसात का हिस्सा बन गया है।
ट्रंप “हारा हुआ” कह रहे हैं — ईरान “कभी नहीं झुकेंगे” कह रहा है। और बीच में दुनिया देख रही है कि यह खेल कहाँ जाकर रुकता है।
