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Tesla Robotaxis की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, अमेरिका में 8 महीनों में 14 हादसे दर्ज
Elon Musk की ड्राइवरलेस टेक्नोलॉजी पर सवाल, क्या सड़कों पर सुरक्षित हैं Tesla Robotaxis?
ड्राइवरलेस कारों का सपना अब हकीकत बनता दिख रहा है, लेकिन इस हकीकत के साथ नए सवाल भी खड़े हो रहे हैं। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक Tesla Robotaxis से जुड़े अमेरिका में पहले 8 महीनों के दौरान 14 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं।
यह आंकड़ा सामने आने के बाद इलेक्ट्रिक कार निर्माता Tesla और उसके सीईओ Elon Musk की महत्वाकांक्षी ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी पर बहस तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के अनुसार, जिन Tesla वाहनों में ऑटोनॉमस या सेमी-ऑटोनॉमस फीचर्स एक्टिव थे, वे 14 अलग-अलग दुर्घटनाओं में शामिल पाए गए। हालांकि इन हादसों की गंभीरता अलग-अलग बताई जा रही है, लेकिन यह साफ है कि ड्राइवरलेस टेक्नोलॉजी अभी पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं है।
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Tesla लंबे समय से “Full Self-Driving” (FSD) सिस्टम को भविष्य की ट्रांसपोर्ट क्रांति के रूप में पेश कर रही है। Elon Musk ने कई बार दावा किया है कि रोबोटैक्सी सर्विस आने वाले वर्षों में आम हो जाएगी और लोग अपनी कार को खुद कमाई करने के लिए भेज सकेंगे।
क्या सच में सुरक्षित है Tesla Robotaxis?
ऑटोनॉमस गाड़ियों के समर्थकों का कहना है कि इंसानों की तुलना में AI सिस्टम कम गलती करते हैं, क्योंकि वे थकते नहीं और न ही ध्यान भटकता है। लेकिन आलोचकों का तर्क है कि टेक्नोलॉजी अभी भी जटिल ट्रैफिक स्थितियों को पूरी तरह समझने में सक्षम नहीं है।
उदाहरण के तौर पर, खराब मौसम, अचानक सड़क पार करने वाले पैदल यात्री या अनियमित ट्रैफिक व्यवहार जैसी स्थितियां AI के लिए चुनौती बन सकती हैं।
नियामक एजेंसियों की नजर
अमेरिका की ट्रांसपोर्ट और सेफ्टी एजेंसियां पहले से ही ऑटोनॉमस वाहनों पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में Tesla के Autopilot और FSD फीचर्स को लेकर कई जांच भी हुई हैं।

हालांकि Tesla का कहना है कि हर दुर्घटना का मतलब सिस्टम की विफलता नहीं होता, क्योंकि कई मामलों में मानव ड्राइवर की भूमिका भी होती है।
भविष्य की राह
Tesla Robotaxis का लक्ष्य केवल ड्राइविंग को आसान बनाना नहीं है, बल्कि पूरी ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री को बदलना है। अगर यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद साबित होती है, तो टैक्सी इंडस्ट्री, राइड-शेयरिंग और निजी वाहन स्वामित्व की परिभाषा बदल सकती है।
लेकिन 8 महीनों में 14 हादसों की रिपोर्ट यह दिखाती है कि इस तकनीक को अभी लंबा रास्ता तय करना है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सॉफ्टवेयर अपडेट, बेहतर सेंसर और सख्त सेफ्टी प्रोटोकॉल इस जोखिम को कम कर सकते हैं।
फिलहाल सवाल यही है — क्या लोग अपनी जान AI के भरोसे छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं?
