दो साल से नहीं बढ़े दाम, लेकिन कच्चे तेल की तेजी ने सरकारी कंपनियों की कमर तोड़ी—रोज ₹1,600 करोड़ का घाटा
25 सितंबर को देश के चार बड़े महानगरों में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें स्थिर, अंतरराष्ट्रीय तेल दाम और टैक्स का असर जारी।