Connect with us

India News

Delhi-NCR में BS-III और उससे पुराने वाहनों पर Supreme Court की सख्ती खत्म हुई सुरक्षा

Pollution बढ़ने के चलते Supreme Court ने बदला August आदेश, End-of-Life वाहनों पर फिर कार्रवाई का रास्ता साफ

Published

on

Supreme Court में सुनवाई के दौरान CJI Surya Kant, Delhi-NCR में पुराने वाहनों पर सख्त फैसला सुनाते हुए
Supreme Court में सुनवाई के दौरान CJI Surya Kant, Delhi-NCR में पुराने वाहनों पर सख्त फैसला सुनाते हुए

Delhi-NCR में प्रदूषण को लेकर Supreme Court ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को शीर्ष अदालत ने BS-III और उससे नीचे के emission standard वाले End-of-Life (EoL) वाहनों को दी गई राहत को खत्म कर दिया। इसके साथ ही 10 साल पुराने diesel और 15 साल पुराने petrol वाहनों के खिलाफ दोबारा कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

यह फैसला Commission for Air Quality Management (CAQM) की सिफारिश पर लिया गया है, जिसने कोर्ट को बताया था कि अगस्त में दिए गए आदेश के कारण अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहन फिर से सड़कों पर लौट आए हैं और इससे Delhi-NCR की हवा और खराब हो रही है।

August आदेश में किया गया संशोधन

Chief Justice of India Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi और Justice Vipul M Pancholi की बेंच ने स्पष्ट किया कि
12 अगस्त 2025 के आदेश में आंशिक संशोधन किया जा रहा है।

Supreme Court में सुनवाई के दौरान CJI Surya Kant, Delhi-NCR में पुराने वाहनों पर सख्त फैसला सुनाते हुए


Court ने कहा कि अब BS-IV और उससे नए emission standard वाले वाहनों को उम्र के आधार पर जब्त नहीं किया जाएगा, लेकिन BS-III, BS-II और BS-I emission standard वाले वाहनों को इस सुरक्षा के दायरे से बाहर रखा जाएगा। यानी ऐसे पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा सकेगी।

CAQM की चेतावनी

CAQM की ओर से Additional Solicitor General Aishwarya Bhati ने कोर्ट को बताया कि BS-III और उससे नीचे के वाहनों का सड़क पर चलना नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
Expert body के अनुसार,

  • BS-III वाहनों को सड़कों पर चलते हुए 15 साल से ज्यादा हो चुके हैं
  • BS-II वाहनों को 20 साल से ज्यादा
  • और BS-I वाहनों को 24 साल से भी अधिक समय हो गया है

इन वाहनों की emission capacity, मौजूदा BS-VI मानकों की तुलना में कई गुना ज्यादा है।

Vehicular pollution पर Court की चिंता

Supreme Court के सामने यह भी रखा गया कि Delhi-NCR में vehicular pollution पहले से ही वायु प्रदूषण का बड़ा कारण है। सर्दियों में हालात और खराब हो जाते हैं, क्योंकि मौसम की स्थिति प्रदूषकों को फैलने नहीं देती।

Court ने माना कि यह स्थिति असाधारण है और ऐसे में ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाना जरूरी है।

पुराने आदेशों की पृष्ठभूमि

National Green Tribunal (NGT) ने 2014–15 में Delhi-NCR में End-of-Life वाहनों पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इन आदेशों को Supreme Court ने 29 अक्टूबर 2018 को भी बरकरार रखा था।

इसके बावजूद August 2025 के आदेश के बाद BS-III और उससे नीचे के कई वाहन फिर से सड़कों पर दिखने लगे थे, जिस पर CAQM ने आपत्ति जताई।

Supreme Court में सुनवाई के दौरान CJI Surya Kant, Delhi-NCR में पुराने वाहनों पर सख्त फैसला सुनाते हुए


Fuel ban की तैयारी पहले से

CAQM के अनुसार, Delhi-NCR में करीब 93% वाहन Light Motor Vehicles (LMV) और two-wheelers हैं। नियमों को लागू करने के लिए CAQM पहले ही यह निर्देश दे चुका है कि

  • 1 November 2025 से Delhi में सभी End-of-Life वाहनों को fuel नहीं मिलेगा
  • और 1 April 2026 से NCR के पांच high vehicle density जिलों में भी यही नियम लागू होगा

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा

Supreme Court के इस फैसले से साफ है कि Delhi-NCR में अब BS-III और उससे पुराने वाहनों के लिए राहत खत्म हो चुकी है। ऐसे वाहन owners को या तो अपने वाहन हटाने होंगे या फिर कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

Court का संदेश साफ है—Delhi-NCR में प्रदूषण से निपटने के लिए अब पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।