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शेफाली शाह का टीवी इंडस्ट्री पर करारा तंज: “आजकल TRP गिरी नहीं कि किरदार को मार डालते हैं”
एक्टिंग पावरहाउस शेफाली शाह का कहना—पहले टीवी में कहानी का proper beginning-middle-end होता था, आज सिर्फ TRP और deadline का दबाव।
हिंदी फ़िल्म और OTT दुनिया की बेहतरीन कलाकारों में शुमार शेफाली शाह—जिन्होंने Delhi Crime, Satya, Darlings, और Monsoon Wedding जैसी फिल्मों से दर्शकों का दिल जीता—ने आजकल के टीवी शोज़ पर बड़ा बयान दिया है।
The Lallantop के साथ बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि आज टीवी में “कहानी से ज़्यादा TRP का खेल” चलता है और वही सबसे बड़ा बदलाव है।
“पहले टीवी का अंत होता था… अब कहानी खत्म ही नहीं होती”
शेफाली शाह ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा:
“पहले शो में beginning, middle, end होता था। अब toh end hi nahi hai! Daily deadline, TRP, episode count—sab isi ke हिसाब से चलता है।”
उनका कहना है कि जब वे Aarohan जैसे टीवी शो में काम करती थीं, तब कहानी की योजना पहले से तय होती थी—जो शुरुआत में लिखा जाता था, वही अंत तक रहता था।
लेकिन आज के टीवी में:
- 500+ एपिसोड
- रोज़ की शूटिंग
- TRP गिरते ही किरदार खत्म
- नए मोड़ सिर्फ दर्शकों को रोकने के लिए
—ये सब आम बात हो गई है।

“TRP नहीं चल रहा? तो किरदार को मार डालो”
आज के टीवी पर तंज कसते हुए शेफाली बोलीं:
“Aaj TRP nahi chal raha toh iss character ko mar daalo, ya storyline badal do. Pehle ऐसा नहीं था। कहानी वही रहती थी।”
वह कहती हैं कि हर शो एक जैसा दिखने लगा है, एक जैसा मेकअप, एक जैसी ड्रामा स्ट्रक्चर—किसी शो की पहचान अलग से नहीं बन पाती।
“पहले commitment content और कहानी के लिए होता था”
उन्होंने बताया कि पहले एक्ट्रेस, राइटर और डायरेक्टर—सभी एक कहानी के प्रति प्रतिबद्ध होते थे।
आजके दौर में लम्बे शूट शेड्यूल और nonstop एपिसोड का दबाव रचनात्मकता को मार देता है।
“Bohot achchi kahaniyan thi… ek arc hota tha. Ab sab deadline-driven हो गया है।”

‘Delhi Crime Season 3’ में फिर दिखा शेफाली का दम
शेफाली शाह इन दिनों Delhi Crime Season 3 में वर्तिका चतुर्वेदी के रूप में वापसी कर रही हैं—एक ऐसा किरदार जिसने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
सीजन 3 में उनके साथ शामिल हैं:
- रसिका दुगल
- आदिल हुसैन
- राजेश तैलंग
- और इस बार खतरनाक विलेन के रूप में हूमा कुरैशी (बड़ी दीदी)
नई कहानी दिल्ली में चल रहे ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे वर्तिका अपनी टीम के साथ पकड़ने की कोशिश करती है।
शो को आलोचकों और दर्शकों दोनों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है।
टीवी का भविष्य क्या है? शेफाली का साफ जवाब
शेफाली शाह की राय स्पष्ट है—अगर टीवी को फिर से मजबूत मंच बनाना है, तो:
- कहानी पर ध्यान देना होगा
- एपिसोड बढ़ाने के पीछे भागना बंद करना होगा
- TRP की दौड़ में क्रिएटिविटी को कुर्बान नहीं करना चाहिए
और सबसे महत्वपूर्ण—
एक शो का स्पष्ट अंत होना ही चाहिए, ताकि दर्शक भी कहानी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।
