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Goodbye Jaddu? ODI में Ravindra Jadeja का सफर अब आखिरी मोड़ पर
Axar Patel और Washington Sundar की मौजूदगी में फीका प्रदर्शन Ravindra Jadeja के भविष्य पर सवाल
भारतीय क्रिकेट में बदलाव की आहट लंबे समय से सुनाई दे रही थी, लेकिन New Zealand के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज हार ने एक बार फिर सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर तीखी रोशनी डाल दी है। इस बार चर्चा के केंद्र में हैं Ravindra Jadeja, जिनका ODI करियर शायद चुपचाप अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है।
पिछले 14 महीनों में New Zealand ने भारत की सरज़मीं पर दो ऐसे कारनामे किए, जिन्होंने टीम इंडिया को आईना दिखा दिया। पहले टेस्ट क्रिकेट में ऐतिहासिक 3–0 की हार और अब पहली बार भारत में ODI सीरीज जीत। इस बार सवाल Virat Kohli या Rohit Sharma पर नहीं, बल्कि Ravindra Jadeja की उपयोगिता पर उठ रहे हैं।
Jadeja का ODI भविष्य लंबे समय तक ट्रांजिशन की बड़ी बहसों के बीच दबा रहा। लेकिन अक्टूबर में उस वक्त चर्चाएं तेज हुईं, जब ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुनी गई ODI टीम में Jadeja का नाम नहीं था। तब चयन समिति के प्रमुख Ajit Agarkar ने साफ किया था कि परिस्थितियों की वजह से दो लेफ्ट आर्म स्पिनर्स को साथ ले जाना संभव नहीं था और Jadeja अभी भी योजनाओं का हिस्सा हैं।
खुद Jadeja ने भी अक्टूबर में बयान दिया था कि अगर उन्हें फिर मौका मिला, तो वह ODI क्रिकेट में वही योगदान देने की कोशिश करेंगे, जो उन्होंने सालों से दिया है। नवंबर में South Africa के खिलाफ घरेलू सीरीज में उनकी वापसी भी हुई, जब Axar Patel को आराम दिया गया।
लेकिन वापसी के बाद आंकड़े Jadeja के पक्ष में नहीं गए। नवंबर के बाद खेले गए छह ODI मैचों में Jadeja सिर्फ 99 रन ही बना सके और गेंदबाज़ी में महज एक विकेट उनके नाम रहा। निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी निभाने में वह लगातार जूझते नजर आए।
2023 World Cup के बाद से ODI क्रिकेट में Jadeja का स्ट्राइक रेट और गिरा है। स्लॉग ओवर्स में, जहां उनसे मैच पलटने की उम्मीद रहती है, वहां भी उनका असर सीमित रहा। South Africa के खिलाफ Raipur में खेले गए मैच में ओस के बावजूद वह खुलकर नहीं खेल सके, वहीं New Zealand के खिलाफ दूसरे वनडे में उनकी धीमी पारी ने दबाव बढ़ा दिया।

गेंदबाज़ी में भी हालात बेहतर नहीं रहे। World Cup के बाद कुल मिलाकर उनके विकेट जरूर आए हैं, लेकिन नवंबर में वापसी के बाद से उनका प्रभाव लगभग खत्म सा हो गया है। 48 ओवर फेंकने के बावजूद सिर्फ एक विकेट टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय है।
अब हालात यह हैं कि India के पास विकल्प मौजूद हैं। Axar Patel ने उसी अवधि में बल्ले से सीमित योगदान के बावजूद गेंद से ज्यादा प्रभाव छोड़ा है। वहीं Washington Sundar भी लगातार मौके मिलने पर खुद को साबित कर रहे हैं।
आगे देखते हुए टीम मैनेजमेंट को 2027 World Cup की तैयारी करनी है, जो South Africa में खेला जाना है, जहां तेज गेंदबाज़ों की भूमिका अहम मानी जाती है। ऐसे में एक ही लेफ्ट आर्म स्पिन ऑलराउंडर को तरजीह मिलने की संभावना है। Axar और Washington की मौजूदगी में Jadeja की राह और कठिन हो गई है।
इसके अलावा निचले क्रम में Harshit Rana जैसे युवा खिलाड़ी का उभरना और Hardik Pandya की वापसी Jadeja के लिए दरवाज़े और बंद करता दिख रहा है। अनुभव अब भी उनके पक्ष में है, लेकिन मौजूदा फॉर्म और आंकड़े चयनकर्ताओं के फैसले को आसान बना सकते हैं।
इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि शायद India की ODI जर्सी में Ravindra Jadeja का आखिरी मुकाबला खेला जा चुका है। फैसला भले ही आधिकारिक न हुआ हो, लेकिन संकेत साफ हैं—ODI क्रिकेट अब नए Jaddu की तलाश में आगे बढ़ चुका है।
