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राशिद खान का जादू, पोलार्ड की माइंडगेम: आख़िरी ओवरों में पलटा मैच
89/2 से हाथ से फिसला मुकाबला, राशिद बने प्लेयर ऑफ द मैच; MI एमिरेट्स ने टीमवर्क से रची शानदार वापसी
क्रिकेट में कभी-कभी एक ओवर, एक गेंद या एक विकेट पूरा मैच बदल देता है—और यही नज़ारा देखने को मिला जब MI एमिरेट्स ने दबाव के क्षणों में संयम दिखाते हुए दुबई कैपिटल्स को रोमांचक मुकाबले में मात दी। जीत के नायक रहे राशिद खान, जिन्हें उनके मैच-टर्निंग स्पेल और साहसी फैसलों के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
राशिद ने जीत के बाद कहा कि पिछला मैच हाथ से निकलने के बाद आज उनका फोकस “सही काम सही समय पर” करने पर था। खासकर रोवमैन पॉवेल के खिलाफ आख़िरी दो गेंदों में उन्होंने कुछ अलग करने की सोची—लंबी गेंद (googly) का दांव लगाया और वही निर्णायक साबित हुआ। राशिद के मुताबिक, टीम में अनुभव और युवा जोश का संतुलन ही उनकी सबसे बड़ी ताक़त है।
मैच का बड़ा मोड़ तब आया जब दुबई कैपिटल्स 89/2 पर पूरी तरह कंट्रोल में दिख रही थी। लेकिन इसके बाद विकेटों की झड़ी लगी—पॉवेल गुगली पर फंसे, दासुन शनाका स्वीप चूक गए, जिमी नीशम रनआउट हो गए। एंकर बने कॉक्स को 19वें ओवर में नवीन ने बेहतरीन गेंदबाज़ी से चलता किया। आख़िरी ओवर में लक्ष्य ज़्यादा रह गया और शेफर्ड ने सटीक यॉर्कर/स्लोअर से काम तमाम किया।

MI एमिरेट्स के कप्तान कायरन पोलार्ड ने जीत के बाद माना कि बोर्ड पर रन कम थे, लेकिन उन्होंने टीम से कहा था—नतीजे की परवाह किए बिना 100% दो। पोलार्ड ने दबाव बनाने के लिए समय का इस्तेमाल, फील्ड सेटिंग और सही एरिया में गेंदबाज़ी पर ज़ोर दिया। उनका कहना था कि अनुभव ऐसे करीबी मैचों में फर्क पैदा करता है—और आज वही हुआ।
वहीं, दुबई कैपिटल्स के कप्तान दासुन शनाका निराश दिखे। उन्होंने माना कि ड्रॉप्ड कैच और गलत फैसलों ने टीम को भारी नुकसान पहुंचाया। उनके अनुसार, कुछ विकेट ऐसे मोड़ों पर गिरे, जहां विपक्ष उन्हें ही ढूंढ रहा था—और यही अंतर बना।
ड्रेसिंग रूम में हेमांग बदानी की बेचैनी तस्वीर साफ कह गई—यह चेज़ ओवरों पहले जीती जा सकती थी। लेकिन क्रिकेट निर्दयी है; छोटी-सी ढील पूरी कहानी बदल देती है। अंत में, यह जीत राशिद की सूझ-बूझ, पोलार्ड की माइंडगेम और पूरी बॉलिंग-फील्डिंग यूनिट के सामूहिक जज़्बे की थी।
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