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पीक आवर्स में हर 15–20 मिनट में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट ने पार किया बड़ा पड़ाव
पहले चरण में सीमित अंतराल, बाद में 10 मिनट तक घटेगा समय; पालघर में पहाड़ी सुरंग ब्रेकथ्रू के साथ रफ्तार को मिला नया जोर
भारत के परिवहन इतिहास में एक नए अध्याय की तैयारी तेज हो गई है। Ministry of Railways ने मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन संचालन को लेकर बड़ा संकेत दिया है। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw के अनुसार, शुरुआती चरण में पीक आवर्स के दौरान बुलेट ट्रेनें हर 15 से 20 मिनट में चलाई जाएंगी। यात्रियों की मांग बढ़ने पर यही अंतराल आगे चलकर 10 मिनट तक घटाया जा सकता है।
रेल भवन में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि यह योजना पूरी तरह से चरणबद्ध है और इसका उद्देश्य देश में हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट सिस्टम की मजबूत नींव रखना है। उनके मुताबिक, Mumbai–Ahmedabad High-Speed Rail Corridor के पूरी तरह चालू होते ही दो बड़े महानगरों के बीच सफर दो घंटे से भी कम समय में संभव हो जाएगा।
परियोजना की प्रगति को लेकर शुक्रवार को एक और अहम उपलब्धि दर्ज हुई। महाराष्ट्र के Palghar जिले में पहली पहाड़ी सुरंग का ब्रेकथ्रू पूरा हो गया। यह सुरंगें परियोजना के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में शामिल हैं। कुल आठ पहाड़ी सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनमें से सात महाराष्ट्र और एक गुजरात में स्थित है।

रेल मंत्री ने इस परियोजना के आर्थिक प्रभाव पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बल मिलेगा। निर्माण चरण के दौरान करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि आने वाले समय में कोई यात्री सुबह सूरत से मुंबई बुलेट ट्रेन से काम के लिए जा सकेगा और शाम को वापस लौट सकेगा। इस तरह की दैनिक आवाजाही भारत में अब तक कल्पना मात्र थी, जो अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रही है।
टिकट किराए को लेकर भी राहत की खबर है। मंत्रालय का दावा है कि मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का किराया मध्यम वर्ग की पहुंच में रखा जाएगा, ताकि यह सेवा केवल चुनिंदा लोगों तक सीमित न रहे।
कुल मिलाकर, सुरंग ब्रेकथ्रू से लेकर संचालन अंतराल की घोषणा तक, हर अपडेट यह संकेत दे रहा है कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि देश की यातायात सोच में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत है।
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