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Mohammed Shami और BCCI के बीच क्यों बढ़ती जा रही है दूरी? — जानिए पूरा विवाद
IPL में धमाकेदार गेंदबाज़ी, लेकिन Team India से दूर — Fitness, अनुशासन और BCCI से टकराव की पूरी कहानी
क्रिकेट की दुनिया में Mohammed Shami का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। लेकिन आज यही Shami Board of Control for Cricket in India (BCCI) के साथ एक अजीब खींचतान में फँसे हुए हैं। एक तरफ वे Indian Premier League (IPL) में Lucknow Super Giants के लिए कमाल की गेंदबाज़ी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ Team India की jersey उनकी पीठ पर नहीं है।
आखिरी बार कब खेले Shami?
Shami ने आखिरी बार India के लिए February 2025 में Champions Trophy के दौरान Dubai में खेला था। T20 Internationals में वे उससे भी पहले — और Test cricket में तो June 2023 के बाद से — नज़र ही नहीं आए। इतने लंबे अंतराल के बाद भी वे domestic cricket और IPL में खेल रहे हैं, जो खुद में एक बड़ा सवाल है।
LSG उनकी छठी franchise — क्या कहता है यह?
Lucknow Super Giants Shami की छठी IPL franchise है। यह कोई छोटी बात नहीं है। जब कोई खिलाड़ी इतनी बार teams बदलता है, तो यह उसके स्वभाव के बारे में बहुत कुछ कह देता है। Shami का अपना खान-पान है, अपना training regimen है, अपनी सोच है — और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत भी है और सबसे बड़ी कमज़ोरी भी।
बड़े मैचों में Shami का रिकॉर्ड — सुनहरा नहीं
2021 T20 World Cup में UAE में Pakistan के खिलाफ Shami की गेंदबाज़ी ने पहली बार यह सवाल उठाया कि क्या यह खिलाड़ी बड़े मौकों पर खरा उतरता है। 2022 T20 World Cup में Australia में England के खिलाफ semifinal में उन्होंने 3 overs में 39 runs दिए और India 10 wickets से हारा।
2023 ODI World Cup में Shami एक के बाद एक batting line-ups को तहस-नहस करते रहे — लेकिन final में, जब India को सिर्फ 240 का बचाव करना था, वे चूक गए। इसी तरह 2023 World Test Championship final में The Oval पर उनके figures रहे 2/122 और 2/36 — जो किसी बड़े match-winner के आँकड़े नहीं कहे जा सकते।
Fitness विवाद — BCCI और Shami में खटास की असली वजह
Early 2024 में Shami की heel surgery हुई। इसके बाद से BCCI और Shami के बीच की दूरी और बढ़ती गई। विवाद तब सार्वजनिक हुआ जब Shami ने media को बताया कि board ने उन्हें fitness को लेकर अनिश्चितता के बावजूद matches खेलने के लिए कहा।
यह सुनने में भले ही छोटी बात लगे, लेकिन यहीं से BCCI और Shami के बीच की खाई चौड़ी होती गई। एक तरफ board है जो अपने नियम खुद बनाता है, दूसरी तरफ एक खिलाड़ी जो अपनी शर्तों पर जीना जानता है।

IPL में चमके, लेकिन physique पर उठे सवाल
SRH के खिलाफ हाल ही में Shami ने 4 overs में सिर्फ 9 runs देकर 2 wickets लिए — लेकिन जानकारों की नज़र उनकी गेंदबाज़ी से ज़्यादा उनके शरीर पर रही। Champions Trophy में भी और अब IPL में भी, Shami का weight एक चिंता का विषय बना हुआ है। International cricket, जो domestic cricket या IPL से कहीं ज़्यादा demanding है, उसमें सिर्फ गेंद से wickets लेना काफी नहीं — fielding और catching भी उतनी ही ज़रूरी है।
उम्र और competition — दोनों बाधाएँ
September में Shami 36 साल के हो जाएंगे। उनके fitness के इतिहास को देखते हुए India के लिए उनकी वापसी मुश्किल लगती है — खासकर जब Jasprit Bumrah, Mohammed Siraj, Prasidh Krishna, Akashdeep Singh और Arshdeep Singh जैसे तेज़ गेंदबाज़ queue में खड़े हों। BCCI के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है।
BCCI भी बेदाग नहीं
यह कहना गलत होगा कि पूरी गलती Shami की है। एक वक्त था जब Shami की पत्नी Hasin Jahan ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे — तब BCCI उनके साथ खड़ा था। लेकिन वह support अब नज़र नहीं आती। Board भी इस रिश्ते को बेहतर तरीके से handle कर सकता था।
आखिर में…
Mohammed Shami एक naturally gifted bowler हैं — इसमें कोई दो राय नहीं। लेकिन cricket के दरबार में भी एक rule चलता है — board से बड़ा कोई नहीं। जब तक Shami fitness, discipline और BCCI की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते, India की jersey दूर ही रहेगी। प्रतिभा काफी नहीं होती — consistency और compliance भी चाहिए।
