Connect with us

International News

ईरान युद्ध पर बड़ी बातचीत: Narendra Modi -Donald Trump कॉल में Elon Musk की एंट्री ने बढ़ाई चर्चा

वैश्विक तनाव के बीच भारत-अमेरिका वार्ता में टेक दिग्गज की मौजूदगी ने खड़े किए कई सवाल

Published

on

मोदी-ट्रंप वार्ता में एलन मस्क की मौजूदगी ने बढ़ाई वैश्विक चर्चा
मोदी-ट्रंप वार्ता में एलन मस्क की मौजूदगी ने बढ़ाई वैश्विक चर्चा

वैश्विक राजनीति के इस संवेदनशील दौर में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में हुई फोन वार्ता में दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क की मौजूदगी ने नई बहस को जन्म दे दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बातचीत ईरान के साथ चल रहे युद्ध जैसे हालात पर केंद्रित थी। गौरतलब है कि 28 फरवरी से इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह कॉल दोनों नेताओं के बीच पहली औपचारिक बातचीत मानी जा रही है।

और भी पढ़ें  : ईरान की आक्रामक कार्रवाई पर सऊदी अरब भड़का, खाड़ी देशों की संप्रभुता के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी

इस बातचीत की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इसमें एलन मस्क भी शामिल हुए। आमतौर पर किसी निजी नागरिक का इस तरह दो देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हो रही वार्ता में शामिल होना असामान्य माना जाता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मस्क ने बातचीत में सक्रिय भूमिका निभाई या केवल सुनने के लिए मौजूद थे।

व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में इस बातचीत को “सकारात्मक और उपयोगी” बताया गया। बयान में कहा गया कि ट्रंप और पीएम मोदी के बीच रिश्ते मजबूत हैं और दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और स्थिरता पर गंभीर चर्चा की।

ईरान तनाव पर मोदी-ट्रंप की बातचीत, बीच में मस्क का नाम आया सामने! -  People's Update


सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान खासतौर पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला और सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है, और यहां किसी भी तरह का अवरोध पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।

दिलचस्प बात यह भी है कि पिछले साल एलन मस्क और ट्रंप के बीच रिश्तों में खटास आ गई थी, जब मस्क ने सरकारी भूमिका से अलग होने का फैसला किया था। लेकिन इस कॉल में उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत हो सकती है कि दोनों के संबंध फिर से सामान्य हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम भविष्य में वैश्विक कूटनीति के बदलते स्वरूप की ओर इशारा करता है, जहां तकनीकी क्षेत्र के बड़े चेहरे भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, जैसे यूक्रेन संकट के दौरान निजी कंपनियों की सैटेलाइट सेवाओं ने बड़ी भूमिका निभाई थी, वैसे ही आने वाले समय में टेक लीडर्स का प्रभाव और बढ़ सकता है।

कुल मिलाकर, यह कॉल केवल एक कूटनीतिक वार्ता नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन की एक झलक भी है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *