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मिलिंद सोमन का फिटनेस मंत्र: 60 की उम्र में भी कहते हैं—अब खुद को पहले से ज्यादा हल्का और आज़ाद महसूस करता हूँ
मॉडल और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने 60 की उम्र में फिर दोहराया आयरनमैन चैलेंज, बोले—“फिटनेस मेरे लिए आज़ादी है, न कि केवल मसल्स या मेडल”
फिटनेस की बात आते ही अगर किसी भारतीय चेहरा दिमाग में आता है तो वह है मिलिंद सोमन। 90 के दशक में मॉडलिंग से लेकर अब तक उन्होंने हर दशक में खुद को नई परिभाषा दी है। हाल ही में उन्होंने अपना 60वां जन्मदिन मालदीव में मनाया और इस मौके पर उन्होंने बताया कि उम्र नहीं, अनुशासन तय करता है कि आप कितने जवान हैं।
“उम्र नहीं, अनुशासन आपको थकाता या जगाता है”
मिलिंद सोमन, जिन्होंने 50 की उम्र में दुनिया की कठिनतम प्रतियोगिता Ironman Triathlon पूरी की थी, कहते हैं कि 60 पर यह अब सिर्फ एक टेस्ट नहीं बल्कि “जीवन का सेलिब्रेशन” है।
उनके शब्दों में — “पहली बार जब मैंने आयरनमैन किया, वह इच्छाशक्ति की परीक्षा थी। दस साल बाद, यह शरीर, मन और अनुशासन के संतुलन का उत्सव बन गया। मैंने सीखा है कि उम्र आपको नहीं रोकती, अनुशासन की कमी रोकती है।”
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“बॉडी नहीं, एटिट्यूड बताता है आपकी उम्र”
मिलिंद मानते हैं कि ऊर्जा एक चॉइस है। “मैंने 20 साल के ऐसे युवाओं को देखा है जो जीवन से थके हैं, और 70 के ऐसे लोगों को जो सुबह दौड़ने के लिए उत्साहित रहते हैं। यह समय को रोकने की नहीं, बल्कि खुशी से आगे बढ़ने की बात है।”
उनके मुताबिक, फिटनेस सिर्फ जिम या रनिंग नहीं — यह आत्म-सम्मान है। “जब आप अपने शरीर का सम्मान करते हैं, यह आपको उसी सम्मान से जवाब देता है।”

“फिट दिखना अस्थायी है, अच्छा महसूस करना स्थायी”
“लोग कहते हैं कि जब मैं तैयार हो जाऊँगा तब शुरू करूंगा, लेकिन ऐसा कहने वाला कभी शुरू नहीं कर पाता। चाहे आप 20 के हों या 60 के — अपने शरीर को प्यार करने और उसका जश्न मनाने का सबसे अच्छा वक्त अभी है।”
मिलिंद कहते हैं कि “Looking good is temporary, feeling good is timeless.”
“60 अब 40 जैसा लगता है, अगर आप खुश होकर जीते हैं”
मिलिंद कहते हैं कि “शाहरुख खान और मैं दोनों 60 के हैं, लेकिन देखिए, उम्र का असर नहीं दिखता। क्योंकि अब 60 का मतलब उम्र गिनना नहीं, अनुभव बनाना है। अगर आप हर सुबह उत्साह के साथ जागते हैं, तो 60 भी 25 जैसा महसूस होगा।”
“फिटनेस मेरे लिए आज़ादी है”
उनका सबसे प्रेरक संदेश वही है जिसके लिए लोग उन्हें जानते हैं — “Fitness for me is freedom.”
वे कहते हैं, “मेरा लक्ष्य मसल्स या मेडल नहीं हैं। मेरा लक्ष्य यह खुशी है कि मेरा शरीर अब भी वो सब कर सकता है जो मैं चाहता हूँ। असली सफलता यही है।”
महिलाओं की जीत पर बोले — “सपनों की कोई उम्र या जेंडर नहीं”
भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा विश्व कप जीतने पर उन्होंने कहा, “यह सिर्फ खेल की जीत नहीं, हर उस लड़की की जीत है जो मानती है कि वह कर सकती है। चाहे खेल हो या जीवन — हमारे देश की महिलाएँ अब परिभाषा बदल रही हैं कि असली स्ट्रेंथ और रेजिलिएंस क्या होती है।”
