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“उसने करियर लगभग खो दिया था…”: Mayank Yadav पर आलोचना से भड़के इयान बिशप

इंजरी से जूझकर वापसी करने वाले तेज गेंदबाज को मिली सहानुभूति की अपील, 150 kmph की रफ्तार बनी चर्चा

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राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गेंदबाजी करते मयंक यादव, आईपीएल 2026 में वापसी का पहला मैच

आईपीएल 2026 में एक तरफ जहां युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन सुर्खियों में है, वहीं दूसरी तरफ लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज Mayank Yadav को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना ने एक नई बहस छेड़ दी है।

पूर्व वेस्टइंडीज तेज गेंदबाज और मशहूर कमेंटेटर Ian Bishop ने मयंक के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एक युवा खिलाड़ी, जिसने गंभीर चोटों के कारण लगभग अपना करियर खो दिया था, उसके खिलाफ नकारात्मक टिप्पणियां देखना बेहद “हैरान करने वाला” है।

मयंक यादव ने इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपना पहला मैच खेला। हालांकि वह विकेट नहीं ले सके और अपने चार ओवरों में 56 रन खर्च किए। आखिरी ओवर में तो उनके खिलाफ 20 रन बने, जिससे राजस्थान ने 159/6 का स्कोर खड़ा किया और बाद में लखनऊ को 40 रन से हराया।

लेकिन इस मैच में सिर्फ आंकड़े ही चर्चा का विषय नहीं रहे। मयंक की वापसी ही सबसे बड़ी कहानी थी। चोटों की वजह से वह आईपीएल 2024 में बड़ा हिस्सा मिस कर चुके थे और 2025 सीजन में भी बैक इंजरी ने उन्हें लंबे समय तक बाहर रखा।

इयान बिशप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मयंक को लेकर हो रही आलोचना गलत है, क्योंकि उन्होंने बहुत कम उम्र में गंभीर चोट का सामना किया है। बिशप ने यह भी कहा कि सिर्फ 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

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क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे तेज गेंदबाजों को समय और समर्थन दोनों की जरूरत होती है। वापसी के बाद शुरुआत में लय और नियंत्रण का आना सामान्य प्रक्रिया है।

मयंक की सबसे बड़ी ताकत उनकी रफ्तार है, लेकिन चोटों के बाद उस रफ्तार को बनाए रखना और साथ ही नियंत्रण हासिल करना किसी भी युवा गेंदबाज के लिए आसान नहीं होता।

फिलहाल फैंस के बीच दो तरह की राय देखने को मिल रही है—कुछ लोग उनके प्रदर्शन को लेकर आलोचना कर रहे हैं, जबकि कई क्रिकेट प्रेमी उन्हें समय देने की बात कर रहे हैं।

अब देखना होगा कि आने वाले मैचों में मयंक यादव कैसे वापसी करते हैं और क्या वह अपनी पुरानी रफ्तार के साथ-साथ निरंतरता भी हासिल कर पाते हैं।

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