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मणिपुर में संगाई फेस्टिवल की तैयारी के बीच बवाल! राज्यसभा MP ने IPS पर लगाया ‘महल में घुसने’ का आरोप, पुलिस ने बताया उल्टा सच

राज्यसभा सांसद लेइशेम्बा सनाजाओबा के शाही निवास में घुसने का आरोप—पुलिस ने कहा, “गार्ड्स ने प्रदर्शनकारियों को अंदर छिपाया, कार्रवाई रोकने की कोशिश की।”

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Manipur MP Accuses IPS of Entering Royal Residence; Police Say Guards Obstructed Action | Dainik Diary
“संगाई फेस्टिवल से पहले मणिपुर में तनाव—MP का आरोप, पुलिस का पलटवार, माहौल गर्म।”

गुवाहाटी मणिपुर में दो साल बाद शुरू होने जा रहे संगाई फेस्टिवल से ठीक पहले राज्य की राजनीति और प्रशासन के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्यसभा सांसद लेइशेम्बा सनाजाओबा ने आरोप लगाया है कि एक वरिष्ठ IPS अधिकारी ने उनके शाही आवास परिसर में जबरन घुसकर उनके सुरक्षा कर्मियों को धमकाया।
लेकिन पुलिस की कहानी बिल्कुल अलग है—उनका दावा है कि MP के घर के सुरक्षा गार्डों ने कार्रवाई रोकने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को अंदर शरण दी, जिनमें से एक ने IPS अधिकारी पर हमला भी किया।

क्या हुआ था गुरुवार को?

यह विवाद गुरुवार को उस समय शुरू हुआ जब संगाई फेस्टिवल के विरोध में प्रदर्शन कर रहे समूहों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई।
विरोध का नेतृत्व कर रहे लोगों का कहना है कि:

  • विस्थापित परिवारों का पुनर्वास पहले हो
  • घाटी में आवाजाही फिर से सुचारु की जाए
  • और राज्य में “पहले शांति और सामान्य स्थिति” लौटे

इसके बिना फेस्टिवल करना संवेदनहीनता है।

MP कार्यालय का आरोप—“IPS अधिकारी परिसर में घुस आया”

सांसद लेइशेम्बा सनाजाओबा के निजी सहायक ने राज्यपाल को पत्र लिखकर शिकायत की है कि वरिष्ठ IPS अधिकारी एनगाशंगवा बिना अनुमति MP के शाही आवास परिसर में घुस आए।

आरोप में कहा गया है:

  • अधिकारी ने सुरक्षा गार्डों को धमकी दी
  • प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई के दौरान MP के स्टाफ को डराया-धमकाया गया
  • घटना से MP के परिवार में भय का माहौल बना

उन्होंने मांग की है कि IPS अधिकारी को तुरंत निलंबित किया जाए।

पुलिस का पलटवार—“हम अंदर नहीं गए, गार्ड्स ने कार्रवाई रोकी”

मणिपुर पुलिस ने यह स्वीकार नहीं किया कि IPS अधिकारी परिसर में घुसे।
बल्कि पुलिस का कहना है कि:

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  • जब वे प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंचे, तो MP के गार्ड्स ने विरोध किया
  • कुछ प्रदर्शनकारियों को MP आवास में छिपाया गया
  • एक प्रदर्शनकारी ने IPS अधिकारी पर हमला करने की कोशिश की
  • गार्ड्स ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा डाली

पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि भीड़ को नियंत्रित करना उस समय मुश्किल हो गया था और सुरक्षा कारणों से तत्काल एक्शन जरूरी था।

संगाई फेस्टिवल को लेकर बढ़ रहा है तनाव

मणिपुर का संगाई फेस्टिवल राज्य के पर्यटन, संस्कृति और हस्तशिल्प का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है।
लेकिन 2023-24 में राज्य में हुए संघर्षों के बाद से हजारों लोग अब भी विस्थापित हैं।

विरोध करने वाले समुदायों का कहना है:

“जब हमारे घर बर्बाद हैं, परिवार राहत कैंपों में हैं, तब फेस्टिवल किस खुशी का?”

ऐसे में फेस्टिवल शुरू होने से ठीक पहले हुई यह घटना राज्य में मौजूद सामाजिक तनाव को और बढ़ाती है।

मानव स्पर्श—संघर्ष के बीच उत्सव, और लोगों की पीड़ा

मणिपुर में पिछले दो वर्षों से जो स्थिति रही है, उसने कई परिवारों की ज़िंदगी बदल दी है।
लोग आज भी उम्मीद कर रहे हैं कि:

  • घर वापस मिलें
  • सुरक्षित माहौल बने
  • समुदायों के बीच संवाद शुरू हो

ऐसे माहौल में किसी उत्सव का आयोजन हमेशा विरोधाभास पैदा करता है—एक तरफ विकास और पर्यटन की आशा, दूसरी तरफ लोगों की अनसुनी पीड़ा।

संगाई फेस्टिवल शुरू हो चुका है, लेकिन गुरुवार की घटना बताती है कि राज्य में अभी भी भरोसे, सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर बड़ी खाई मौजूद है।

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