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लियोनेल मेसी इंडिया टूर विवाद पर बड़ा ऐलान, कोलकाता के नाराज फैंस को मिलेगा टिकट रिफंड
सॉल्ट लेक स्टेडियम में हंगामे के बाद आयोजक हिरासत में, पुलिस को दिया लिखित आश्वासन
कोलकाता में लियोनेल मेसी इंडिया विज़िट को लेकर मचे बवाल के बाद अब राहत भरी खबर सामने आई है। शनिवार को सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुए भारी हंगामे के बाद आयोजकों ने टिकट रिफंड देने का वादा किया है। यह जानकारी खुद पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार ने मीडिया को दी।
शनिवार को मेसी की मौजूदगी के दौरान स्टेडियम में उस वक्त माहौल बिगड़ गया, जब हजारों दर्शकों को उम्मीद के मुताबिक फुटबॉल सुपरस्टार की झलक नहीं मिल सकी। मेसी कुछ ही मिनटों के लिए मैदान में आए और चारों ओर भारी सुरक्षा और वीआईपी घेरे में नजर आए। इससे गुस्साए फैंस ने पहले नारेबाजी की और फिर स्थिति हिंसक हो गई।

आयोजक हिरासत में, जांच शुरू
डीजीपी राजीव कुमार ने बताया कि GOAT India Tour 2025 के मुख्य आयोजक को हिरासत में लिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा,
“मुख्य आयोजक को डिटेन किया गया है। जांच चल रही है और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।”
पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम को लेकर फैंस को यह उम्मीद थी कि वे मेसी को खेलते हुए देख पाएंगे या कम से कम उन्हें पर्याप्त समय तक मैदान में देख सकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
“रिफंड दिया जाएगा” – लिखित भरोसा
सबसे अहम बात यह रही कि आयोजकों ने टिकट रिफंड को लेकर लिखित आश्वासन दिया है। डीजीपी ने साफ कहा,
“आयोजकों ने लिखित में कहा है कि जिन फैंस को निराशा हुई है, उन्हें टिकट का पैसा वापस किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी माना कि कई दर्शक यह मानकर आए थे कि मेसी मैदान पर कुछ देर बिताएंगे, लेकिन अव्यवस्था और खराब प्लानिंग के चलते हालात काबू से बाहर हो गए।
कैसे बिगड़ा स्टेडियम का माहौल
लियोनेल मेसी शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे कोलकाता पहुंचे और सीधे होटल गए, जहां पहले से फैंस मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने एक 70 फीट ऊंची प्रतिमा का वर्चुअल उद्घाटन किया और फिर स्टेडियम पहुंचे।
मेसी के साथ लुइस सुआरेज़ और रोड्रिगो डी पॉल भी मौजूद थे। लेकिन जैसे ही मेसी मैदान में दाखिल हुए, लगभग 70–80 सुरक्षाकर्मी, आयोजक और गणमान्य लोग उन्हें घेरकर चलने लगे। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास भी वहां मौजूद थे।

स्टैंड्स में बैठे दर्शकों ने “We want Messi” के नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ ही देर में मेसी स्टेडियम छोड़कर निकल गए, जिससे गुस्सा और भड़क गया।
कुर्सियां टूटीं, बोतलें फेंकी गईं
मेसी के जाने के बाद हालात तेजी से बिगड़े। गैलरी में कुर्सियां तोड़ी गईं, मैदान में बोतलें फेंकी गईं और कई लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर पिच तक पहुंच गए। पुलिस की संख्या कम पड़ गई और स्टेडियम के बाहर भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फैंस का गुस्सा सीधे आयोजकों पर फूटा। उनका कहना था कि भारी कीमत देकर टिकट खरीदने के बावजूद उन्हें केवल वीआईपी शो देखने को मिला।
भरोसे की लड़ाई
अब जबकि रिफंड का वादा किया गया है, सवाल यह है कि क्या इससे फैंस का भरोसा वापस आ पाएगा? कोलकाता जैसे फुटबॉल-प्रेमी शहर में लियोनेल मेसी की यह यात्रा यादगार बनने की बजाय एक चेतावनी बन गई है—कि बड़े नाम से ज्यादा जरूरी ईमानदार आयोजन और पारदर्शिता होती है।
