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“कुछ करो प्लीज़!” — पायलट महीनों से चिल्लाते रहे, किसी ने नहीं सुना; फिर LaGuardia में वो हुआ जिससे 2 ज़िंदगियाँ खत्म हो गईं

न्यूयॉर्क के LaGuardia Airport पर Air Canada का विमान दमकल गाड़ी से टकराया — 2 पायलट शहीद, 41 यात्री घायल; Air Traffic Controller ने खुद कहा “मैंने गलती की” — लेकिन NASA के रिकॉर्ड बताते हैं चेतावनियाँ महीनों पहले से आ रही थीं।

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LaGuardia Airport Crash: पायलट महीनों से दे रहे थे चेतावनी, 2 की मौत के बाद उठे सवाल | Dainik Diary
LaGuardia Airport पर Air Canada का विमान दमकल गाड़ी से टकराया — 2 पायलट की मौत, 41 घायल; महीनों पहले से पायलट चेतावनी दे रहे थे लेकिन किसी ने नहीं सुना।

न्यूयॉर्क। 23 मार्च 2026 की रात। न्यूयॉर्क का LaGuardia Airport — अमेरिका के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक। Air Canada की एक CRJ-900 विमान लैंडिंग कर रही थी। उसी वक्त रनवे पर Port Authority का एक दमकल वाहन आ गया।

और फिर — एक भयानक टक्कर।

Air Canada के विमान में 76 यात्री सवार थे। दुर्घटना में विमान के दोनों पायलट मारे गए और 41 यात्री घायल हो गए। LaGuardia — जो तीन दशकों में पहली बार किसी घातक दुर्घटना का गवाह बना — को तुरंत बंद कर दिया गया।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है: क्या इसे टाला जा सकता था?

“कुछ करो प्लीज़” — एक पायलट की गुहार जो अनसुनी रह गई

CNN ने सरकारी रिकॉर्ड की दो साल की पड़ताल की — और पाया कि पिछले पिछले गर्मियों में एक पायलट ने NASA के Aviation Safety Reporting System में लिखा था: “Please do something. LaGuardia में ऑपरेशन की रफ्तार बढ़ती जा रही है। Air Traffic Controllers सीमा को पार कर रहे हैं।”

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उसी रिपोर्ट में उस पायलट ने चेतावनी दी थी — “आँधी-तूफान के दिनों में LaGuardia वैसा लगने लगा है जैसा DCA (Washington DC Airport) था — उस हादसे से पहले।” वह जनवरी 2025 की उस दुर्घटना का ज़िक्र कर रहा था जब वाशिंगटन के Potomac नदी के ऊपर दो विमान टकरा गए थे और 60 लोग मारे गए थे।

पिछले दो सालों में इस तरह की दर्जन भर से ज़्यादा रिपोर्टें NASA के सिस्टम में दर्ज की गई थीं — जिनमें बताया गया था कि LaGuardia पर टक्कर से बाल-बाल बचने की कई घटनाएँ हो चुकी थीं।

“मैंने गलती की” — Air Traffic Controller का कबूलनामा

दुर्घटना की रात Air Traffic Controller ने दमकल गाड़ी को रनवे पार करने की अनुमति दे दी — और जब उसे एहसास हुआ कि विमान आ रहा है, तो उसने रोकने की कोशिश की — लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। दुर्घटना के बाद उसने Ground Radio पर कहा कि वह “पहले एक दूसरी Emergency deal कर रहा था” और उससे “गलती हो गई।”

यह वही स्थिति है जो 2006 में Kentucky के Comair Flight 5191 हादसे में हुई थी — जहाँ एक थके हुए Air Traffic Controller की एक चूक ने 49 लोगों की जान ली थी। इतिहास खुद को दोहरा रहा है।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएँ

इसी साल अक्टूबर में LaGuardia पर Delta Airlines के दो regional jets एक taxiway पर आपस में टकराए थे — और एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। और इसी हफ्ते Newark Airport पर दो विमान एक ही रनवे पर land करने की कोशिश में थे — एक और बड़ा हादसा बाल-बाल टला।

LaGuardia Airport Crash: पायलट महीनों से दे रहे थे चेतावनी, 2 की मौत के बाद उठे सवाल | Dainik Diary


असली समस्या — कम staff, ज़्यादा काम

Air Traffic Control centers में लंबे समय से staff की कमी चल रही है। सरकारी shutdown और बजट कटौती ने इसे और बदतर बना दिया है।

भारत में इसकी तुलना करें — जैसे किसी busy railway junction पर signalman की कमी हो और ट्रेनों की संख्या बढ़ती जाए, तो हादसा अवश्यंभावी है। LaGuardia में यही हुआ — system पर बोझ था, staff कम था, और नतीजा सबके सामने है।

76 यात्री — और अंतिम वक्त में “chaos”

विमान में सवार यात्रियों ने बताया कि टक्कर के बाद पूरा “chaos” था। जो लोग कुछ देर पहले घर पहुँचने की खुशी में थे, वे अचानक एक बुरे सपने में थे।

दो पायलट — जो हर रोज़ आसमान की ऊँचाइयों से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित ज़मीन पर उतारते थे — वे खुद उस रात ज़मीन तक नहीं पहुँच सके।

अब क्या?

NTSB (National Transportation Safety Board) जाँच शुरू हो गई है। सवाल यह है कि NASA के सिस्टम में दर्जनों चेतावनियाँ आने के बावजूद FAA (Federal Aviation Administration) ने कार्रवाई क्यों नहीं की?

जब पायलट “कुछ करो” चिल्लाते हैं और कोई नहीं सुनता — तो जवाब देना होता है ज़िंदगियों को।

— दैनिक डायरी न्यूज़ डेस्क

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