Connect with us

Breaking News

कश्मीर के थाने में खौफनाक धमाका: ज़ब्त विस्फोटक फटे, 9 की मौत, 29 ज़ख्मी

श्रीनगर के नौगाम थाने में ज़ब्त बारूद की जांच के दौरान हादसा, ज्यादातर पुलिसकर्मी और फॉरेंसिक टीम के सदस्य हुए शिकार

Published

on

Kashmir Nowgam Police Station Blast: 9 Killed, 29 Injured as Seized Explosives Explode | Dainik Diary
“श्रीनगर के नौगाम थाने में भीषण धमाके के बाद सुरक्षा बलों की तैनाती, चारों तरफ़ मलबा और सन्नाटा।”

जम्मू-कश्मीर की गर्म होती सुरक्षा स्थिति के बीच श्रीनगर से एक और दहला देने वाली ख़बर सामने आई है।
शहर के नौगाम पुलिस स्टेशन में ज़ब्त किए गए विस्फोटकों का ढेर अचानक फट गया, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 29 से ज़्यादा लोग घायल हो गए।

मृतकों में ज्यादातर पुलिसकर्मी और फॉरेंसिक अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं, जो इन विस्फोटकों की जांच कर रहे थे। कई घायल गंभीर हालत में अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।


कैसे हुआ हादसा? ज़ब्त विस्फोटक बने मौत का सामान

पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, थाने के परिसर में कब्ज़े में ली गई बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। इन्हें हाल ही में एक मामले में बरामद किया गया था और इन्हीं की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम मौके पर मौजूद थी।

इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ।

  • धमाके की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि
    • थाने की इमारत का बड़ा हिस्सा ज़मीन पर आ गया
    • अंदर खड़ी कई गाड़ियां राख के ढेर में बदल गईं
    • पुलिस स्टेशन से 100–200 मीटर दूर तक शवों और शरीर के अंगों के टुकड़े मिले

अधिकारियों ने बताया कि कई शव इस कदर झुलस गए कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। पहचान के लिए डीएनए सैंपल लेने की तैयारी की जा रही है।


चार दिन पहले दिल्ली में कार धमाका, अब कश्मीर में थाने के अंदर विस्फोट

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब देश की राजधानी दिल्ली अभी भी रेड फोर्ट के पास हुई कार ब्लास्ट की दहशत से उबर नहीं पाई है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, नौगाम थाने में रखे गए विस्फोटकों का कनेक्शन उसी टेरर नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके खिलाफ हाल के दिनों में

  • हरियाणा के फरीदाबाद
  • और अन्य इलाकों में
    छापेमार कार्रवाई की गई थी।

हालांकि शीर्ष अधिकारियों ने अभी तक किसी भी सुनियोजित आतंकी हमले की पुष्टि नहीं की है और इसे “प्रारंभिक तौर पर हादसा” बताया है, लेकिन जांच एजेंसियां सभी एंगल से मामले की तह तक जाने में जुट गई हैं।

nowgam blast

“शरीर के टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे मिले” – चश्मदीदों की सिहरन भरी कहानी

धमाके के समय थाने के आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने जो मंज़र देखा, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था।

कई लोगों ने बताया कि–

  • पहले एक जोरदार धमाका हुआ
  • फिर आग की ऊँची लपटें और धुआं आसमान की तरफ़ उठा
  • आसपास के मकानों की खिड़कियाँ चकनाचूर हो गईं
  • कुछ लोग अपने घरों की छत से भागते हुए रोते–चीखते नज़र आए

एक चश्मदीद के मुताबिक़,

“हमने सोचा कोई भूकंप-जैसा झटका है, लेकिन बाहर निकलकर देखा तो थाने की तरफ़ से आग और धुआं ही धुआं था। थोड़ी देर बाद एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगातार आने लगीं।”


DGP की प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतज़ार, आधिकारिक बयान जल्द

जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख इस घटना पर विस्तार से जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।
फिलहाल जो बातें सामने आई हैं, उनमें मुख्य बिंदु ये हैं—

  • विस्फोट थाने के अंदर रखे ज़ब्त बारूद में हुआ
  • फॉरेंसिक टीम दो दिन से विस्फोटकों की सैंपलिंग और जांच कर रही थी
  • धमाका संभवतः सैंपलिंग के दौरान हुआ
  • घटना में मारे गए ज्यादातर लोग ड्यूटी पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी हैं

DGP ने शुरुआती बयान में लोगों और मीडिया से अपील की है कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, अनुमान लगाने या अफवाह फैलाने से बचें

b26f635610061f863be59570ac7f93581763169161293584 original

श्रीनगर में सुरक्षा कड़ी, परिजनों का रो–रोकर बुरा हाल

घटना के बाद श्रीनगर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
धमाके के बाद रातभर

  • पुलिस और CRPF की टीमों ने इलाके की घेराबंदी की
  • फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया

इस बीच, जिन परिवारों को यह ख़बर मिली कि उनके प्रियजन नौगाम थाने में ड्यूटी पर थे, उनका रो–रोकर बुरा हाल है।
कई परिजन अस्पतालों और थाने के बाहर अपनों की तलाश में भटकते नज़र आए।


कश्मीर पर नई चिंता की परत

कश्मीर पहले से ही आतंकी घटनाओं, छापेमारी और सुरक्षा अभियानों के कारण तनावपूर्ण माहौल में है।
अब थाने के अंदर इस तरह के धमाके ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—

  • क्या ज़ब्त विस्फोटक सामग्री की सुरक्षा के मौजूदा प्रोटोकॉल पर्याप्त हैं?
  • क्या संवेदनशील इलाकों के पुलिस स्टेशनों में भारी मात्रा में विस्फोटक रखना सही है?
  • जांच टीमों की सुरक्षा के लिए क्या अतिरिक्त इंतज़ाम किए जा सकते थे?

केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर इस घटना को लेकर व्यापक समीक्षा की मांग उठने लगी है।

फिलहाल, देश सिर्फ़ इतनी उम्मीद कर सकता है कि

  • घायलों को सही समय पर इलाज मिले
  • मारे गए पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के परिवारों को न्याय व मुआवज़ा मिले
  • और भविष्य में ऐसी खतरनाक लापरवाही या तकनीकी कमी दोबारा न दोहराई जाए।

अधिक अपडेट के लिए DAINIK DIARY

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *