Connect with us

World News

कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी से गूंजे घाट, लाखों श्रद्धालु पहुंचे पवित्र नदियों के किनारे

अयोध्या से हरिद्वार तक भक्ति का सैलाब—कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान का पुण्य फल पाने उमड़े श्रद्धालु

Published

on

कार्तिक पूर्णिमा 2025: अयोध्या–हरिद्वार–प्रयागराज के घाटों पर आस्था का महासंगम, ट्रेनों व सड़कों पर भारी भीड़
हर की पैड़ी, हरिद्वार—कार्तिक पूर्णिमा की सुबह गंगा स्नान करते श्रद्धालु और दीपों की झिलमिलाहट।

बुधवार तड़के से ही देशभर के घाटों पर आस्था का सागर उमड़ पड़ा। कार्तिक पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर श्रद्धालु दूर-दूर से आकर गंगा, यमुना, सरयू और अन्य पवित्र नदियों में डुबकी लगाते दिखे। अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, हरिद्वार और पटना के घाटों पर लाखों लोगों ने स्नान कर भगवान विष्णु व शिव की पूजा-अर्चना की।

अयोध्या के सरयू घाटों पर दीपदान के साथ भगवान राम की नगरी रोशनी से जगमगा उठी। प्रयागराज के संगम तट पर “हर हर गंगे” के जयघोष गूंजते रहे, और भक्तों ने स्नान के बाद अन्न-वस्त्र दान कर मानवता का संदेश दिया। हरिद्वार की हर की पैड़ी पर गंगा आरती देखने के लिए भीड़ इतनी रही कि अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।

यात्रियों की भारी आमद के चलते पटना और आसपास के क्षेत्रों में लंबा जाम लगा। Indian Railways की कई ट्रेनों में खचाखच भीड़ दिखी, बस अड्डों पर भी रेला उमड़ा। राज्य और स्थानीय प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की, वहीं संभावित आपात स्थितियों के मद्देनज़र NDRF/आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया।

और भी पढ़ें : अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी का निधन, इराक युद्ध के सूत्रधार और ट्रंप आलोचक थे

धर्मग्रंथों के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से सौ गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति आज के दिन स्नान कर भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना करता है, उसके पाप क्षीण होते हैं और कल्याण के मार्ग प्रशस्त होते हैं।

वीडियो देखे 

पर्यटन दृष्टि से भी यह पर्व महत्वपूर्ण है। Uttarakhand Tourism और Uttar Pradesh Tourism के लिए कार्तिक स्नान के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले यात्रियों का स्वागत करने हेतु विशेष व्यवस्थाएँ की जाती हैं—स्वच्छता, मार्ग-दर्शन, चिकित्सा शिविर और खोया-पाया केंद्र जैसी सुविधाएँ बढ़ाई जाती हैं।

सोशल मीडिया पर भी #KartikPurnima, #GangaSnan जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। रेलवे और ट्रैफिक अपडेट के लिए लोग Indian Railways (LinkedIn) और राज्य पुलिस के आधिकारिक चैनलों पर नज़र बनाए हुए हैं।

मानवीय पल:
भीड़ के बीच कई स्वयंसेवी संगठन बुज़ुर्गों व बच्चों की मदद करते दिखे। स्थानीय युवाओं ने मुफ्त चाय, पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था कर “सेवा ही धर्म” का संदेश दिया। यही अपनापन कार्तिक पूर्णिमा को सिर्फ धार्मिक नहीं, सामाजिक एकता का पर्व भी बना देता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *