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हॉर्मुज संकट पर अमेरिका में बवाल: ट्रंप पर फूटा गुस्सा, ईरान ने वसूला 20 करोड़ का ‘समुद्री टैक्स’

सीनेटर ने कहा—“यह हमारी बनाई हुई समस्या है”, युद्ध का खर्च और तेल संकट ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

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Iran Hormuz Toll Crisis: US Senator Slams Trump As War Costs Surge
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने जहाजों से भारी शुल्क वसूलना शुरू किया, जिससे वैश्विक संकट गहरा गया।

मध्य पूर्व में जारी तनाव अब सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति पर भी साफ दिखने लगा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अब अमेरिका के अंदर ही तीखी बहस छिड़ गई है।

अमेरिकी सीनेटर Chris Murphy ने खुलकर Donald Trump की नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने इस पूरे संकट को “पागलपन” करार देते हुए कहा कि अमेरिका खुद अपनी बनाई हुई समस्या को हल करने में अरबों डॉलर झोंक रहा है।

“यह हमारी बनाई हुई समस्या है”

सीनेटर मर्फी ने कहा,
“सबसे बड़ी समस्या यह है कि युद्ध से पहले यह रास्ता खुला हुआ था। अब हम उसी समस्या को हल करने की कोशिश कर रहे हैं, जो हमने खुद पैदा की है। यह पागलपन है।”

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका रोजाना करीब 2 अरब डॉलर (लगभग 16,000 करोड़ रुपये) इस युद्ध पर खर्च कर रहा है।

और भी पढ़ें  : LPG की किल्लत पर सरकार ने कहा “चिंता है, लेकिन घबराएं नहीं”, दो जहाज़ Strait of Hormuz पार कर भारत की ओर रवाना

ईरान ने लगाया 20 करोड़ का ‘समुद्री टैक्स’

इस बीच Iran ने एक बड़ा कदम उठाते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ जहाजों पर 2 मिलियन डॉलर (करीब 18-20 करोड़ रुपये) का शुल्क लगाना शुरू कर दिया है।

ईरानी सांसद अलाउद्दीन बोरूजेर्दी के अनुसार, यह कदम देश की “सार्वभौमिक शक्ति” को दिखाने के लिए उठाया गया है। उनका कहना है कि युद्ध की लागत को देखते हुए यह फैसला जरूरी था।

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क्यों अहम है हॉर्मुज जलडमरूमध्य?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है।

  • यहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है
  • यह खाड़ी देशों को वैश्विक बाजार से जोड़ता है
  • अगर यह रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल संकट खड़ा हो सकता है

इसी वजह से इस पर नियंत्रण को लेकर हमेशा तनाव बना रहता है।

अमेरिका पर बढ़ता दबाव

United States के सामने अब दोहरी चुनौती है—
एक तरफ उसे इस जलमार्ग को खुलवाना है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ते युद्ध खर्च को संभालना है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने ईरान को हॉर्मुज खोलने के लिए एक डेडलाइन दी थी, जिसे अब आगे बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दिया गया है। हालांकि ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी दबाव में आने वाला नहीं है।

वैश्विक असर: तेल से शेयर बाजार तक हड़कंप

इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ अमेरिका या ईरान तक सीमित नहीं है।

  • दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है
  • तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है
  • कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह संकट लंबा चला, तो इसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा—महंगे पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई के रूप में।

क्या आगे और बढ़ेगा तनाव?

Israel ने भी ईरान पर हमले तेज करने की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। वहीं ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकराते हुए अपनी शर्तें सामने रखी हैं, जिसमें हॉर्मुज पर अपनी संप्रभुता की मान्यता भी शामिल है।

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