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Strait of Hormuz में तबाही — Iran के हमले, 19 जहाज़ निशाने पर, 2 Indian Ships निकले सुरक्षित

Persian Gulf में अफरा-तफरी का माहौल है — तीन तेल टैंकर Iranian हमलों में क्षतिग्रस्त, लेकिन India के Pushpak और Piramal जहाज़ बिना escort के सुरक्षित निकले।

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Strait of Hormuz में Iran का कहर — 19 जहाज़ निशाने पर, 2 Indian Ships सुरक्षित निकले | Dainik Diary

दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग Strait of Hormuz पर इस वक्त जो हालात हैं, वो किसी युद्ध फिल्म के दृश्य से कम नहीं लगते। एक तरफ तेल टैंकर अपनी किस्मत के भरोसे आगे बढ़ रहे हैं, दूसरी तरफ Iran के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। इसी खौफनाक माहौल में India के दो जहाज़ — Pushpak और Piramal — बुधवार की रात से गुरुवार की सुबह के बीच बिना किसी सैन्य escort के Strait of Hormuz पार करने में कामयाब रहे।

यह राहत की खबर ज़रूर है, लेकिन असल तस्वीर इससे कहीं ज़्यादा डरावनी है।

19 जहाज़ निशाने पर, 7 लोगों की मौत

Shipping Corporation of India (SCI) के दोनों tankers की सुरक्षित वापसी के बावजूद उसी दौरान तीन अन्य tankers Iranian projectiles की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। अब तक Strait of Hormuz में Iran के हमलों की ज़द में आए जहाज़ों की कुल संख्या 19 पहुँच चुकी है और इन हमलों में सात लोगों की जान जा चुकी है।

इनमें एक मामला खासतौर पर चिंताजनक है — Kandla की ओर जा रहा Thailand का जहाज़ Mayuree Naree Strait of Hormuz से गुज़रते वक्त hull पर हमले का शिकार हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला पानी के भीतर से किसी projectile के ज़रिए किया गया हो सकता है, जो यह संकेत देता है कि Iran का Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) अब underwater drones या projectiles का भी इस्तेमाल कर रहा है।

“Persian Gulf में पूरी तरह अफरा-तफरी है”

एक shipping विशेषज्ञ ने स्थिति का जायज़ा लेते हुए कहा, “Persian Gulf में पूरी तरह confusion है। Iran अलग-अलग आवाज़ों में बात कर रहा है। Warships को escort की इजाज़त नहीं दी जा रही और tankers अपनी किस्मत आज़माते हुए आगे बढ़ रहे हैं।”

यह स्थिति तब और भी खतरनाक हो जाती है जब यह ध्यान में आता है कि दुनिया का करीब एक-तिहाई समुद्री तेल इसी Strait of Hormuz से होकर गुज़रता है। India अपनी LPG ज़रूरत का 90 प्रतिशत इसी रास्ते से मँगाता है।

Iran की रणनीति — Hormuz एक हथियार के रूप में

विश्लेषकों का कहना है कि Tehran जानबूझकर इस जलमार्ग को बाधित कर रहा है — और इसके पीछे दो मकसद साफ नज़र आते हैं। पहला, दुनियाभर में तेल संकट पैदा करके US और Israel पर युद्ध रोकने का दबाव बनाना। दूसरा, उन Sunni Gulf देशों को सज़ा देना जिन्होंने अपनी ज़मीन पर US को सैन्य अड्डे बनाने की अनुमति दी।

Strait of Hormuz पर इस तरह की कार्रवाई UN Convention on the Law of Sea (UNCLOS) के Articles 37-45 का सीधा उल्लंघन है, जो Freedom of Navigation की गारंटी देते हैं।

UNSC ने पास किया बड़ा प्रस्ताव

Strait of Hormuz में Iran का कहर — 19 जहाज़ निशाने पर, 2 Indian Ships सुरक्षित निकले | Dainik Diary


बुधवार रात United Nations Security Council (UNSC) ने एक अहम प्रस्ताव पास किया जिसमें UN Charter के Article 51 को लागू किया गया — यानी सदस्य देशों के व्यक्तिगत या सामूहिक आत्मरक्षा के अधिकार को मान्यता दी गई। यह प्रस्ताव 134 देशों ने मिलकर प्रायोजित किया और 13-0 के बहुमत से पास हुआ। China और Russia ने abstain किया।

Gulf देश — गुस्से में, लेकिन चुप

दिलचस्प बात यह है कि Sunni Gulf देश Iranian missile हमलों के बावजूद खुलकर जवाब नहीं दे रहे। विश्लेषकों के मुताबिक ये देश नहीं चाहते कि वो US और Israel के साथ खड़े दिखें — लेकिन पर्दे के पीछे वो Iran से बेहद नाराज़ हैं और समय आने पर covert जवाब देने की स्थिति में हैं।

आम आदमी पर असर

इस सारे संकट की सबसे बड़ी मार उस आम इंसान पर पड़ रही है जो पेट्रोल पंप पर बढ़ती कीमतें देख रहा है या रसोई गैस सिलेंडर के लिए परेशान है। तेल बाज़ार में हलचल पहले ही शुरू हो चुकी है।

जब तक Iran की मौजूदा सरकार या तो वार्ता की मेज़ पर नहीं आती या Tehran में सत्ता परिवर्तन नहीं होता — Strait of Hormuz पर यह खतरा बना रहेगा और दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति एक अनिश्चितता के साये में जीती रहेगी।

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