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“IndiGo की देशभर में उथल-पुथल! फ्लाइटें रद्द होते ही किराए दोगुने–तीन गुने क्यों पहुंचे… दिल्ली से बेंगलुरु तक आसमान छूते दाम”
IndiGo की भारी कैन्सिलेशन के बाद घरेलू हवाई किराए रिकॉर्ड स्तर पर, कई रूट्स पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भी ज्यादा महंगे टिकट।
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo की देशभर में भारी उड़ान रद्दीकरण और देरी ने घरेलू हवाई यात्रियों की मुश्किलें बेहिसाब बढ़ा दी हैं। एक ही दिन में 500 से अधिक उड़ानें प्रभावित होने के बाद एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी मच गई और टिकटों के दाम आसमान छूने लगे।
यात्रियों को न सिर्फ लंबी लाइनों, भीड़भाड़ और अनिश्चित इंतज़ार का सामना करना पड़ा, बल्कि अचानक बढ़े किराए ने जेब पर भी भारी बोझ डाल दिया।
MMT के आंकड़े बताते हैं—किराए “अभूतपूर्व” स्तर पर पहुँचे
ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल MakeMyTrip (MMT) के अनुसार, दिल्ली से बड़े शहरों और राज्य की राजधानियों के लिए सैम-डे टिकट कल की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा हो गए।
दिल्ली–बेंगलुरु: ₹40,000 से ₹80,000 तक!
6 दिसंबर की फ्लाइट के लिए सबसे सस्ती नॉन-स्टॉप टिकट MMT पर ₹40,000 से ऊपर दिखी, जबकि कई विकल्प ₹80,000 तक पहुँचे।

दिल्ली–मुंबई: न्यूनतम ₹36,107, अधिकतम ₹56,000
मुंबई जाने वाले यात्रियों ने बताया कि सामान्यतः 6–10 हजार में मिलने वाले टिकट अब
- न्यूनतम: ₹36,107
- अधिकतम: ₹56,000
तक पहुँच गए।
वहीं वापसी के किराए भी ₹23,000 से ₹37,000 के बीच थे।
दिल्ली–चेन्नई: ₹62,000–₹82,000 तक
ये किराए कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स के बिजनेस-क्लास या प्रीमियम किराए के बराबर पहुँच गए।
दिल्ली–गुवाहाटी: ₹23,998–₹35,015
ईस्टर्न सेक्टर के टिकट भी सामान्य से तीन गुना महंगे दिखे।
भारत के अंदर उड़ना… दुबई–बैंकॉक जाने से भी ज़्यादा महंगा!
सबसे चौंकाने वाली तुलना यह है कि घरेलू उड़ानें अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भी महंगी हो गईं।
- दिल्ली–दुबई: ₹25,855
- बेंगलुरु–दुबई: लगभग ₹15,000
- दिल्ली–बैंकॉक: ₹18,747
यानी दिल्ली–बेंगलुरु की फ्लाइट बुक करना, दुबई जाने से भी महंगा पड़ गया!
IndiGo में क्या हुआ? क्यों रद्द हुईं इतनी उड़ानें?
सूत्रों के अनुसार:
- स्टाफ की कमी
- क्रू ड्यूटी टाइमिंग से जुड़े नए नियम
- ऑपरेशनल मिसमैनेजमेंट
- शेड्यूलिंग में भारी दबाव
इन कारणों ने मिलकर IndiGo की उड़ानों को ठप कर दिया।
दिल्ली एयरपोर्ट से सारी IndiGo उड़ानें आधी रात तक रद्द कर दी गईं, जबकि अन्य एयरलाइंस सामान्य रूप से चलती रहीं।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराज़गी जताई कि न तो एयरलाइन की ओर से स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही भोजन–पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।
DGCA सामने आया—IndiGo को अस्थायी राहत
DGCA ने स्थिति को स्थिर करने के लिए IndiGo को दो नियमों में एक बार की अस्थायी छूट दी है।
यह छूट 10 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, ताकि क्रू मैनेजमेंट और लेट-नाइट ऑपरेशन सुचारू रह सकें।

क्या किराए कम होंगे?
ट्रैवल प्लेटफॉर्म का अनुमान है कि 9–12 दिसंबर के टिकट पहले से काफी सस्ते दिख रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि किराए धीरे-धीरे सामान्य हो सकते हैं।
लेकिन यात्रियों में अभी भी संशय है कि ऑपरेशन कब तक स्थिर होंगे।
IndiGo ने मांगी माफी
एयरलाइन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा—
“हम sincerely माफी मांगते हैं। हमें पता है कि पिछले कुछ दिन यात्रियों के लिए बहुत कठिन रहे। इसे ठीक करने में समय लगेगा, लेकिन हम हर संभव प्रयास करेंगे कि जल्द से जल्द संचालन सामान्य हो।”
हालाँकि कई यात्रियों ने कहा कि माफ़ी से ज़्यादा ज़रूरी है स्पष्ट संचार और समय पर सहायता, जो इस पूरे संकट में नहीं दिखा।
