Connect with us

Breaking News

उज़्बेकिस्तान के समरकंद मेडिकल यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्रों की बढ़ती परेशानी दूतावास ने जारी की चेतावनी

ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास ने मेडिकल छात्रों को दी सलाह – सीटों से ज्यादा एडमिशन, हॉस्टल की कमी और शिक्षा की गुणवत्ता पर चिंता

Published

on

समरकंद यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं दूतावास ने जारी की सख्त चेतावनी
उज़्बेकिस्तान में भारतीय दूतावास की नई एडवाइजरी, समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्रों की समस्याओं को लेकर चेतावनी जारी

उज़्बेकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है।
भारत के ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India, Tashkent) ने 31 अक्टूबर 2025 को एक नया एडवाइजरी जारी किया है, जिसमें समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (SSMU) में हो रही अव्यवस्थाओं और छात्रों की समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई गई है।

दूतावास ने छात्रों से अपील की है कि वे विश्वविद्यालय में दाखिला लेने से पहले सभी तथ्यों की ठीक तरह से जांच करें और पहले से जारी किए गए पुराने एडवाइजरी नोट्स को भी ध्यान से पढ़ें।


SSMU में क्षमता से अधिक एडमिशन

दूतावास के अनुसार, SSMU में पहले से ही 2024–25 सत्र तक 3,239 अंतरराष्ट्रीय छात्र नामांकित थे।
लेकिन इस साल (विंटर इंटेक 2025) में विश्वविद्यालय ने 1,400 भारतीय छात्रों को पहले वर्ष में दाखिला दे दिया, जो उसकी अधिकृत क्षमता से कहीं ज्यादा है।

दूतावास ने बताया कि इस अधिक संख्या के कारण छात्रों को क्लिनिकल एक्सपोज़र की कमी हो रही है और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
कई भारतीय छात्रों ने इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय से शिकायत भी की है।

भारतीय दूतावास ने समरकंद मेडिकल यूनिवर्सिटी पर जताई चिंता, छात्रों से सावधानी बरतने की अपील

हॉस्टल की कमी और अस्थायी ठिकाने

एडवाइजरी में यह भी उल्लेख किया गया है कि करीब 600 भारतीय छात्र फिलहाल विभिन्न होटलों में ठहराए गए हैं, क्योंकि विश्वविद्यालय में उचित हॉस्टल की व्यवस्था नहीं है।
इन छात्रों से लगातार आवास संबंधी शिकायतें दूतावास को मिल रही हैं।


निजी कंपनी पर उठे सवाल

दूतावास को EdsMart नामक एक कंपनी के खिलाफ भी शिकायतें मिली हैं, जिस पर आरोप है कि वह भारतीय छात्रों को SSMU में एडमिशन दिला रही है।
दूतावास ने कहा कि इस मामले में विश्वविद्यालय से जवाब मांगा गया है और फिलहाल उनका उत्तर प्रतीक्षित है।


समरकंद यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं दूतावास ने जारी की सख्त चेतावनी


भारतीय दूतावास की अपील

भारतीय दूतावास ने दोहराया है कि छात्रों को कोई भी एडमिशन लेने से पहले विश्वविद्यालय की मान्यता, सुविधाएं और आधिकारिक दिशानिर्देशों की जांच करनी चाहिए।
साथ ही, छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी एजेंट या निजी कंपनी के बहकावे में न आएं।
दूतावास ने यह भी कहा है कि वह नियमित रूप से एडवाइजरी अपडेट करता रहेगा ताकि भारतीय छात्रों को सही जानकारी मिलती रहे।


स्थिति पर दूतावास की निगरानी

भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह इस पूरे मामले पर निगरानी रखे हुए है और SSMU प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है
छात्रों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी समस्या की जानकारी सीधे दूतावास को दें ताकि उन्हें तत्काल मदद मिल सके।


छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विश्वविद्यालयों में छात्रों की संख्या क्षमता से ज्यादा बढ़ती है, तो इसका सीधा असर पढ़ाई, हॉस्टल और क्लिनिकल ट्रेनिंग पर पड़ता है।
भारत से हर साल हजारों छात्र उज़्बेकिस्तान, कज़ाखस्तान और रूस जैसे देशों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें विश्वविद्यालय की मान्यता और सुविधाओं की जांच ज़रूर करनी चाहिए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *