Health
हार्ट अटैक से एक हफ्ते पहले आया था 10 सेकंड का दर्द! क्या यह बड़ा संकेत था?
31 वर्षीय मरीज ने नज़रअंदाज़ किया सीने में दबाव और सांस रुकने जैसा एहसास, डॉक्टरों ने बताया कितना खतरनाक हो सकता है
बदलती生活शैली, तनाव और खराब खानपान के दौर में हार्ट अटैक अब सिर्फ उम्रदराज़ लोगों की बीमारी नहीं रह गई है। डॉक्टरों के अनुसार, आज 30–35 वर्ष की उम्र के युवा भी बड़ी संख्या में हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में एक 31 वर्षीय मरीज इसका उदाहरण बन गया, जिसने हल्का सा सीने का दर्द महसूस किया, उसे नज़रअंदाज़ किया, और एक सप्ताह बाद हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा।
डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज ने बताया:
“लगभग एक हफ्ते पहले अचानक मेरे सीने में 10–15 सेकंड के लिए दबाव और कसाव जैसा दर्द आया। ऐसा लगा जैसे कोई लहर सी उठी हो। कुछ पलों के लिए सांस गहरी नहीं ले पा रहा था। फिर यह अपने आप गायब हो गया।”
मरीज ने इसे तनाव, नींद की कमी या गैस समझकर गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन बाद में ब्लॉकेज के कारण उसे हार्ट अटैक हुआ और एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया की जरूरत पड़ी।
कितने लोगों में दिखते हैं ऐसे शुरुआती संकेत?
कार्डियक विशेषज्ञों के अनुसार:
लगभग 25% मरीजों को हार्ट अटैक से पहले
एक सप्ताह या 24 घंटे के अंदर
भारीपन या दर्द महसूस होता है।
90% मामलों में यह गैस्ट्रिक या एसिडिटी होता है
लेकिन 10% मामलों में यह हार्ट प्रॉब्लम का संकेत होता है
यही कारण है कि ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
डॉक्टरों ने बताए चेतावनी संकेत
अगर आपको इनमें से कोई लक्षण महसूस हो तो तुरंत जांच कराएं:

सीने में दबाव या कसाव- अचानक सांस फूलना
- कंधे या बांह में दर्द
- पसीना आना
- चक्कर
- सीने में जलन जैसी असामान्य परेशानी
विशेषज्ञों ने बताया कि खासकर युवा मरीजों में:
धूम्रपान
तनाव
अस्वास्थ्यकर भोजन
लगातार बैठकर काम
हार्ट अटैक के बड़े कारण बन रहे हैं।
“पहले कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ”
डॉक्टर का कहना है कि यदि दर्द या असहजता ऐसी लगे जो आपने पहले कभी महसूस नहीं की हो, और वह लहर की तरह आए और जाए, तो तुरंत जांच करानी चाहिए। कई बार शरीर पहले से चेतावनी देता है, लेकिन लोग उसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
जीवनशैली सुधार जरूरी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए—
नियमित व्यायाम
धूम्रपान छोड़ना
तनाव कम करना
समय पर नींद
हेल्दी डाइट
अनिवार्य है।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि शरीर के छोटे संकेत भी गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं। समय रहते जांच करवाना जीवन बचा सकता है।
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