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Google का 27वां जन्मदिन: एक स्पेलिंग मिस्टेक ने कैसे बदला दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन
Google आज मना रहा है अपना 27वां जन्मदिन, जानिए कैसे ‘Googol’ से निकला नाम और कैसे एक गलती ने बदल दी इसकी पहचान।
27 सितंबर 2025 को दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन Google अपने अस्तित्व के 27 साल पूरे कर चुका है। जिस कंपनी की शुरुआत कैलिफोर्निया के Menlo Park में एक छोटे से गैराज से हुई थी, वह आज अरबों लोगों के रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। मोबाइल से लेकर कंप्यूटर और स्मार्ट डिवाइसेज़ तक, हर जगह गूगल का नाम छाया हुआ है।
‘Google’ नाम के पीछे की कहानी
असल में Google नाम एक गणितीय शब्द Googol से निकला है, जिसका मतलब है 1 के बाद 100 शून्य (10 की घात 100)। यह शब्द गणितज्ञ Edward Kasner के भतीजे Milton Sirotta ने गढ़ा था। गूगल के संस्थापक Larry Page और Sergey Brin ने इसी से प्रेरणा लेकर अपने सर्च इंजन का नाम रखने की सोची।
BackRub से Google तक
गूगल का पहला नाम BackRub था। लेकिन 1997 में जब टीम ने एक नया नाम सोचने का फैसला किया, तो ‘Googol’ पर सहमति बनी। यहां पर गूगल की असली किस्मत खुली। स्टैनफोर्ड के छात्र Sean Anderson ने डोमेन उपलब्धता चेक करते वक्त गलती से ‘Googol’ की जगह ‘Google’ टाइप कर दिया। यह डोमेन उपलब्ध था और कुछ ही घंटों में google.com रजिस्टर कर लिया गया।
यानी आज जिस नाम को हम दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी से जोड़ते हैं, वह असल में एक स्पेलिंग मिस्टेक का नतीजा था।

गैराज से ग्लोबल तक
1998 में आधिकारिक तौर पर कंपनी की शुरुआत हुई। 2015 में गूगल ने खुद को Alphabet Inc. की सहायक कंपनी बना लिया। आज Sundar Pichai इसकी कमान संभाल रहे हैं, जबकि Larry Page और Sergey Brin अब भी बोर्ड मेंबर और महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल रहते हैं।
क्यों मनाया जाता है 27 सितंबर को जन्मदिन?
दिलचस्प बात यह है कि गूगल का रजिस्ट्रेशन 4 सितंबर 1998 को हुआ था, लेकिन कंपनी हर साल 27 सितंबर को ही अपना जन्मदिन मनाती है। इसकी वजह यह है कि इसी दिन गूगल ने अपने शुरुआती बड़े माइलस्टोन को हासिल किया था।
गूगल की उपलब्धियाँ
आज गूगल केवल सर्च इंजन तक सीमित नहीं है। यूट्यूब, एंड्रॉयड, गूगल मैप्स, जीमेल, गूगल क्लाउड जैसी सेवाएँ हर रोज़ अरबों लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं। गूगल का मुख्य लक्ष्य अब भी वही है – “दुनिया की सारी जानकारी को व्यवस्थित करना और उसे हर किसी के लिए सुलभ बनाना।”
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