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Gautam Gambhir vs Virat Kohli की तकरार का सच बाहर आया आखिर कौन हो रहा है Indian Cricket का सबसे बड़ा नुकसान?

कोहली–गंभीर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में, लेकिन असली कीमत टीम इंडिया चुका रही है—ड्रेसिंग रूम का माहौल ठंडा, BCCI में बढ़ी चिंता

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Gautam Gambhir vs Virat Kohli विवाद: असली नुकसान किसे हो रहा है? जानिए पूरी कहानी | Dainik Diary
गंभीर–कोहली विवाद की बढ़ती खाई, जिसकी कीमत टीम इंडिया को चुकानी पड़ सकती है।

टीम इंडिया के दो बड़े नाम—विराट कोहली और गौतम गंभीर—के बीच बढ़ता विवाद एक बार फिर भारतीय क्रिकेट के लिए सिरदर्द बन गया है। पिछले कई सालों से दोनों के बीच खटास की खबरें आती रही हैं, लेकिन मौजूदा दौर में यह तनाव एक गंभीर मोड़ लेता दिख रहा है। खासकर सोशल मीडिया पर जिस तरह से माहौल विषाक्त हुआ है, उसने BCCI की चिंता और बढ़ा दी है।

दिल्ली के ये दो स्टार कभी IPL के मैदान पर भिड़े, तो कभी टीवी स्टूडियो में बयानबाजी ने आग में घी डालने का काम किया। लेकिन इस बार जो माहौल बना है, वह सिर्फ बयानबाजी या मैदान की गर्मी से कहीं आगे निकल चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में कोहली और गंभीर के बीच बातचीत बेहद कम हो गई है, और ODI टीम में तो रिश्ता लगभग “बॉर्डरलाइन कोल्ड” बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया बना नफरत का केंद्र

सबसे चिंता की बात यह है कि गंभीर को सोशल मीडिया पर जिस तरह की गालियां, ट्रोलिंग और निजी हमले झेलने पड़ रहे हैं, वह एक हेड कोच के लिए कितना अपमानजनक और निराशाजनक हो सकता है, इसका अंदाज़ा कोई भी लगा सकता है। कुछ फैंस की अति-उत्साह भरी “support culture” अब ज़हर बन गई है, जिसमें आलोचना नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हेट और एब्यूज़ देखने को मिल रहा है।

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इसी तरह की भावना 2022 में तब भी देखने को मिली थी जब केएल राहुल को खराब फॉर्म के बावजूद मानसिक तनाव झेलना पड़ा था, और बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि सोशल मीडिया के हमले खिलाड़ी को गहराई तक प्रभावित करते हैं।

गंभीर–कोहली: सम्मान है, लेकिन दूरी और गहरी

दिलचस्प बात यह है कि इन सबके बीच गंभीर ने सार्वजनिक मंचों पर कोहली को हमेशा सम्मान दिया है। चाहे बात उनके टेस्ट रिटायरमेंट की हो या उनके करियर की उपलब्धियों की, गंभीर ने कभी कमज़ोर शब्द नहीं बोले। उन्होंने X (Twitter) पर भी कोहली के योगदान की प्रशंसा करते हुए लिखा था कि “महान खिलाड़ियों को उनकी विरासत के लिए याद किया जाता है, विवादों के लिए नहीं।”

लेकिन मैदान और ड्रेसिंग रूम की दूरी इस कहानी का असली पन्ना है—खामोश लेकिन बेहद भारी। ऐसा ही माहौल 2019 में देखा गया था जब रोहित शर्मा और कोहली के बीच “रिफ्ट” की खबरों ने क्रिकेट को हिलाकर रख दिया था। बाद में सबने इसे मैनेज किया, लेकिन नुकसान तब तक हो चुका था।

वरिष्ठ खिलाड़ियों की Test रिटायरमेंट ने बढ़ाई शंका

कोहली और रोहित की अचानक और लगभग एक साथ टेस्ट रिटायरमेंट ने इस विवाद को नई दिशा दे दी। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े फैसले बिना “सिस्टम” में किसी असहजता के शायद ही लिए जाते।
हालाँकि इस पर आधिकारिक बयान कुछ नहीं कहता, लेकिन BCCI की चुप्पी बहुत कुछ बयां करती दिखाई देती है।

Gautam Gambhir vs Virat Kohli विवाद: असली नुकसान किसे हो रहा है? जानिए पूरी कहानी | Dainik Diary


कौन हारेगा? जवाब आसान है—भारतीय क्रिकेट

जब-जब भारतीय क्रिकेट किसी आंतरिक कलह में फंसा है, नुकसान हमेशा टीम इंडिया को ही हुआ है।
1999 में सौरव गांगुलीग्रेग चैपल विवाद,
2011 में कोच गैरी कर्स्टन के जाने के बाद की उथल-पुथल,
2021 में विराट–BCCI कप्तानी विवाद…
हर बार नुकसान सिर्फ भारतीय क्रिकेट का ही हुआ।

आज भी स्थिति अलग नहीं है।
गंभीर की अपनी सोच है, और कोहली व रोहित जैसे दिग्गजों का अपना दबदबा। लेकिन इस खींचतान में सिर्फ एक ही हारने वाला है— Team India

2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर असर

कोहली और रोहित दोनों अभी भी शानदार फॉर्म में हैं, और 2027 वर्ल्ड कप तक खेलने की उनकी क्षमता और फिटनेस पर कोई सवाल नहीं। अगर ड्रेसिंग रूम का माहौल ऐसा ही रहा, तो टीम इंडिया अपनी सबसे बड़ी ताकत—अनुभव और एकता—दोनों खो सकती है।

वक़्त है कि विवाद को यहीं रोका जाए

फैंस, मीडिया और बोर्ड—तीनों की ज़िम्मेदारी है कि इस आग को फैलने न दें।
भारतीय क्रिकेट आज जिस मुकाम पर है, वह किसी एक खिलाड़ी या कोच की वजह से नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की मेहनत का नतीजा है।
अगर यह विवाद और बढ़ता गया, तो इसका असर आने वाले सालों तक महसूस किया जाएगा।