Weather
इथियोपिया ज्वालामुखी की राख भारत से निकलकर चीन की ओर बढ़ रही, IMD ने दी अपडेट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को महत्वपूर्ण जानकारी जारी करते हुए बताया कि इथियोपिया में हुए Hayli Gubbi ज्वालामुखी विस्फोट से उठी राख की परत भारत के ऊपर से गुजरते हुए अब पूर्व और पूर्वोत्तर दिशा में चीन की ओर बढ़ रही है। यह राख का गुबार सोमवार शाम यमन, ओमान और अरब सागर को पार कर गुजरात और राजस्थान में प्रवेश कर गया था।
मंगलवार देर रात यह राख दिल्ली के पास दिखाई दी और पूरे दिन पूर्व तथा पूर्वोत्तर भारत के ऊपर से गुजरती रही। IMD के मुताबिक, यह राख मंगलवार शाम तक भारतीय क्षेत्र से बाहर निकलनी शुरू हो चुकी है और बुधवार तक पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।

सतह पर कोई खतरा नहीं
IMD के महानिदेशक एम. मोहित्रा ने बताया कि यह राख 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंच चुकी है, जहां हवा की गति 100 से 150 किमी प्रति घंटा रहती है। ऐसे में यह कण तेजी से आगे बढ़ जाते हैं और जमीन पर गिरने का समय नहीं मिलता।
उन्होंने कहा:
“इसका मुख्य प्रभाव विमानन क्षेत्र पर है, खासकर दिल्ली, कोलकाता और मुंबई के एयर रूट्स पर। सतह पर मौसम या स्वास्थ्य पर इसका कोई प्रभाव नहीं है।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश होती, तो ये राख के कण जमीन पर जमा हो सकते थे, जिससे स्थिति अलग होती।
चीन की ओर बढ़ रहा राख का गुबार
IMD ने पुष्टि की है कि राख का यह बादल अब भारत के पूर्व और पूर्वोत्तर क्षेत्र से होकर चीन की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल भारतीय भूमि पर इसके प्रभाव की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
जहां उत्तर भारत में तापमान गिरावट जारी है, वहीं दक्षिण भारत के लिए IMD ने भारी और व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार:
- मलेशिया और मलक्का जलडमरूमध्य में बना लो-प्रेशर क्षेत्र डिप्रेशन में बदल चुका है
- दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के नजदीक भी निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है
इन सिस्टम्स के कारण:
- तमिलनाडु में 30 नवंबर तक भारी बारिश की संभावना
- केरल और महे में 26 नवंबर को
- आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में 29 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच
- अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 29 नवंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान
IMD ने कहा कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में व्यापक वर्षा देखी जा सकती है।

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड
इस बीच, उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कई क्षेत्रों में तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में तापमान 7 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है। हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सबसे कम है।
IMD ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विमानन क्षेत्र को आवश्यक चेतावनियां जारी की जा रही हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन मौसम के बदलाव पर ध्यान रखना जरूरी है।
