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इथियोपिया ज्वालामुखी विस्फोट का असर भारत तक: Air India और Akasa Air ने उड़ानें रद्द कीं

DGCA के निर्देश के बाद 11 उड़ानें रद्द, IMD ने कहा—राख शाम तक भारत पार कर चीन की ओर बढ़ेगी

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Ethiopia Volcano Eruption: Air India, Akasa Cancel Flights as Ash Reaches Indian Airspace
“इथियोपिया ज्वालामुखी विस्फोट की राख से विमानन सेवाएं प्रभावित, Air India ने 11 उड़ानें रद्द कीं”

इथियोपिया के अफार क्षेत्र में लंबे समय से शांत पड़े Hayli Gubbi ज्वालामुखी के अचानक विस्फोट ने न सिर्फ स्थानीय इलाकों में दहशत फैला दी, बल्कि इसका असर भारत की हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला। ज्वालामुखी से निकली राख हवा के साथ तेजी से फैलते हुए भारतीय वायुक्षेत्र तक पहुंच गई, जिसके चलते Air India और Akasa Air को कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

नियमित संचालन पर खतरा देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस को सतर्क रहने और विमान सुरक्षा जांच करने के निर्देश जारी किए। इसके बाद Air India ने सोमवार और मंगलवार को कुल 11 उड़ानें रद्द कर दीं। एयरलाइन ने उन विमानों की विशेष जांच शुरू की है, जो विस्फोट के बाद संभावित प्रभावित रूट्स से होकर गुजरे थे।

ज्वालामुखी की राख विमान के लिए खतरा क्यों?

ज्वालामुखी से उठने वाली राख विमान इंजनों के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। यह—
इंजन ब्लॉकेज
विंडशील्ड दृश्यता प्रभावित
सेंसर खराब
टर्बाइन नुकसान
का कारण बन सकती है।
यही वजह है कि दुनिया भर में एयरलाइंस ज्वालामुखी राख वाले क्षेत्रों से आने-जाने वाली उड़ानों को तुरंत रोक देती हैं।

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IMD का अपडेट—भारत को राहत की खबर

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि राख की परत हवा की दिशा बदलने के साथ शाम तक भारत से गुजरकर चीन की ओर बढ़ जाएगी। यानी यह स्थिति लंबे समय तक भारत के एयरस्पेस को प्रभावित नहीं करेगी।

IMD अधिकारियों के अनुसार, ऊपरी वायुमंडल में तेज़ पश्चिमी हवाएं राख को पूर्व दिशा में धकेल रही हैं, जिससे भारत के ऊपर जोखिम सीमित हो रहा है।

Akasa Air का फैसला और यात्री असर

Akasa Air ने भी कुछ रूट्स पर उड़ानें रद्द या डायवर्ट की हैं। एयरलाइन की ओर से यात्रियों को मैसेज और ईमेल के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अचानक रद्दीकरण के कारण परेशानी जताई, जबकि कुछ ने सुरक्षा कदमों की सराहना की।

पहले भी हो चुका है बड़ा असर

2010 में आइसलैंड के Eyjafjallajökull ज्वालामुखी विस्फोट के कारण यूरोप की हजारों उड़ानें एक सप्ताह तक प्रभावित हुई थीं। इसलिए एयरलाइंस इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद सतर्क रहती हैं।

फिलहाल DGCA स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और एयरलाइंस को ऑपरेशन शुरू करने से पहले सुरक्षा मूल्यांकन पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

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