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दिल्ली के बुराड़ी में दर्दनाक हादसा: 5 साल के बच्चे ने गलती से चलाई ई-रिक्शा, 2 साल के चचेरे भाई की मौत
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक हृदयविदारक हादसे में 5 साल के बच्चे ने गलती से unattended ई-रिक्शा चालू कर दी, जिससे उसका 2 वर्षीय चचेरा भाई उसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही मौत हो गई।
उत्तर दिल्ली के बुराड़ी इलाके से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। मंगलवार दोपहर एक 5 साल के बच्चे ने गलती से खड़ी ई-रिक्शा चालू कर दी, जो सीधे उसके 2 साल के चचेरे भाई से जा टकराई। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, हादसा उत्तराखंड कॉलोनी, बुराड़ी में हुआ। दोपहर करीब 2 बजे ई-रिक्शा ड्राइवर राजा राम ने अपना वाहन बिजली के खंभे के पास पार्क किया और पानी के कैन डिलीवर करने चला गया। वाहन का कुंजी (key) वहीं लगी रह गई थी।
इस दौरान घर के बाहर खेल रहे मिहिर (2) और उसका बड़ा चचेरा भाई (5) रिक्शा के पास पहुंचे। खेल-खेल में बड़े बच्चे ने ई-रिक्शा चालू कर दी, जो अचानक आगे बढ़ गई और सीधे छोटे बच्चे को कुचल दिया। परिजन दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

ड्राइवर पर केस दर्ज
पुलिस ने बताया कि राजा राम, जो ई-रिक्शा का मालिक और चालक है, के खिलाफ लापरवाही से मौत (Section 304A IPC) का केस दर्ज किया गया है।
दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला कि चालक ने वाहन में चाबी लगी छोड़ी थी, जिससे यह हादसा हुआ।
अस्पताल में मौत की पुष्टि
परिजन बच्चे को तुरंत बुराड़ी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मां का दर्दनाक बयान
मिहिर की मां रुपाली (24) ने रोते हुए बताया,
“मैं मायके आई थी ताकि बच्चे छुट्टियां साथ बिता सकें। मिहिर खेल रहा था, तभी बाहर ई-रिक्शा खड़ा था जिसमें बहुत सारे पानी के कैन रखे थे। मेरा भांजा उस रिक्शा में चढ़ गया और गलती से उसे चालू कर दिया। रिक्शा ने मेरे बेटे को कुचल दिया। मैं भागी, लेकिन रोक नहीं पाई। सब ड्राइवर की गलती थी जिसने चाबी अंदर छोड़ दी। मेरा बच्चा चला गया, उसका क्या कसूर था?”
रुपाली गृहिणी हैं जबकि उनके पति मयूर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। परिवार में तीन महीने की एक बच्ची भी है।

बढ़ते ई-रिक्शा हादसे
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 15 सितंबर तक 24 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं जो ई-रिक्शा से जुड़े हादसों में शामिल थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सुरक्षा मानकों और उचित प्रशिक्षण के चलते ई-रिक्शा दिल्ली की सड़कों पर “चलते खतरे” बनते जा रहे हैं।
निष्कर्ष
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि क्या ई-रिक्शा चालकों को वाहन खड़ा करते समय सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा है?
एक छोटी-सी लापरवाही ने एक परिवार की जिंदगी बदल दी। अब यह देखना होगा कि क्या प्रशासन ऐसे मामलों पर सख्त कदम उठाएगा या मासूमों की जान यूं ही जाती रहेगी।
