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अमेरिकी सांसद ब्रैंडन गिल का विवादित बयान – पत्रकार मेहदी हसन से कहा “यूके वापस जाओ”

इस्लामिक अज़ान पर टिप्पणी के बाद अमेरिकी कांग्रेसमैन ब्रैंडन गिल और पत्रकार मेहदी हसन के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस

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अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन और सांसद ब्रैंडन गिल के बीच इस्लामिक अज़ान को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस।
अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन और सांसद ब्रैंडन गिल के बीच इस्लामिक अज़ान को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस।

अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। मामला तब गर्मा गया जब ब्रिटिश-अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन और अमेरिकी कांग्रेसमैन ब्रैंडन गिल के बीच सोशल मीडिया पर तीखी नोकझोंक हो गई।

दरअसल, ज़ीटियो (Zeteo) के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ मेहदी हसन ने अमेरिका में इस्लामिक अज़ान (Call to Prayer) की अनुमति को लेकर कहा था —

“अगर आप अपने चर्च की घंटियां बजा सकते हैं, तो हम अपनी अज़ान दे सकते हैं। हम भी उतने ही अमेरिकी हैं जितने और लोग, और हमें किसी से कोई बेकार की बातें सुनने की ज़रूरत नहीं।”

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उनके इस बयान के बाद अमेरिकी सांसद ब्रैंडन गिल ने X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी और लिखा,

“हम यहां बड़ी संख्या में आकर अमेरिकी सार्वजनिक जीवन की बुनियाद को बदलना चाहते हैं।”

इसके बाद गिल ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में मेहदी हसन से कहा — “गो बैक टू यूके (Go back to UK)।”
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर गिल की जमकर आलोचना शुरू हो गई।

अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन और सांसद ब्रैंडन गिल के बीच इस्लामिक अज़ान को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस।


मेहदी हसन का पलटवार – “आपकी पत्नी भारतीय प्रवासी की बेटी हैं”

मेहदी हसन ने गिल को करारा जवाब देते हुए X पर लिखा,

“आपकी पत्नी एक भारतीय-अमेरिकी हैं, जो एक भारतीय प्रवासी की बेटी हैं। आप प्रवासियों से नफरत कर रहे हैं, जबकि खुद एक प्रवासी परिवार से जुड़े हैं।”

मेहदी हसन के इस जवाब के बाद कई उपयोगकर्ताओं ने गिल पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। कई अमेरिकी नागरिकों ने इस बहस को धार्मिक स्वतंत्रता और प्रवासी अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि यह अमेरिका की “विविधता और समावेशिता” पर सवाल उठाने जैसा है।

सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद

यह विवाद केवल व्यक्तिगत बहस तक सीमित नहीं रहा। हजारों यूज़र्स ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी।
कई लोगों ने मेहदी हसन के समर्थन में लिखा कि अमेरिका में हर धर्म को समान सम्मान मिलना चाहिए, वहीं कुछ लोगों ने गिल के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि “अमेरिका को अपनी परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए।”

एक यूज़र ने लिखा — “अगर चर्च की घंटियां धार्मिक प्रतीक नहीं मानी जातीं, तो फिर अज़ान को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?”
दूसरे ने टिप्पणी की — “यह बयान अमेरिका की राजनीतिक असहिष्णुता को उजागर करता है।”

मेहदी हसन कौन हैं?

मेहदी हसन एक प्रसिद्ध ब्रिटिश-अमेरिकी पत्रकार और लेखक हैं। उन्होंने अल जज़ीरा इंग्लिश और MSNBC में बतौर एंकर काम किया है। वह अपने तीखे सवालों और बेबाक राजनीतिक विचारों के लिए जाने जाते हैं।
वर्तमान में वे Zeteo मीडिया संगठन के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ हैं।

अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता पर फिर उठे सवाल

इस विवाद ने एक बार फिर अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता पर चर्चा छेड़ दी है। हाल के वर्षों में मुस्लिम समुदाय के धार्मिक प्रतीकों और प्रथाओं को लेकर कई बार विवाद खड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान न केवल समाज में विभाजन बढ़ाते हैं बल्कि अमेरिका के बहुलवादी स्वरूप को भी चोट पहुंचाते हैं।

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