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भूटान ने शुरू की नई डिजिटल क्रांति अब नागरिकों की पहचान होगी Ethereum ब्लॉकचेन पर सुरक्षित

Polygon और Hyperledger के बाद भूटान ने Ethereum पर किया राष्ट्रीय पहचान प्रणाली का माइग्रेशन दुनिया का पहला देश जिसने पूरा राष्ट्रीय ID डेटा ब्लॉकचेन पर शिफ्ट किया

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भूटान ने Ethereum पर किया राष्ट्रीय ID सिस्टम का माइग्रेशन दुनिया की पहली ब्लॉकचेन पहचान प्रणाली
भूटान ने शुरू किया Ethereum आधारित राष्ट्रीय पहचान प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री तोबगे और Ethereum टीम के साथ हुआ ऐतिहासिक लॉन्च

दक्षिण एशिया का छोटा लेकिन तकनीकी रूप से अग्रणी देश भूटान (Bhutan) अब डिजिटल नवाचार के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। देश ने अपनी राष्ट्रीय पहचान प्रणाली (National ID System) को Ethereum ब्लॉकचेन पर माइग्रेट कर दिया है। यह कदम लगभग 8 लाख नागरिकों को एक सुरक्षित, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत डिजिटल पहचान प्रदान करेगा।

इस ऐतिहासिक घोषणा के मौके पर भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे (Tshering Tobgay), क्राउन प्रिंस जिग्मे नामग्येल वांगचुक (Jigme Namgyel Wangchuk), Ethereum के को-फाउंडर विटालिक ब्यूटेरिन (Vitalik Buterin) और Ethereum Foundation की प्रेसिडेंट आया मियागुची (Aya Miyaguchi) मौजूद थीं।

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मियागुची ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,

“यह बेहद प्रेरणादायक है कि एक राष्ट्र अपने नागरिकों को सेल्फ-सॉवरेन आइडेंटिटी (Self-Sovereign Identity) देने की दिशा में कदम उठा रहा है। यह न सिर्फ भूटान के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए डिजिटल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

Ethereum पर माइग्रेशन क्यों खास है?

भूटान ने इससे पहले अपनी राष्ट्रीय पहचान प्रणाली को Polygon पर अगस्त 2024 में और उससे पहले Hyperledger Indy पर संचालित किया था।
Ethereum पर माइग्रेशन इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और अपरिवर्तनीय (Immutable) है। इसकी विकेंद्रीकृत संरचना और Zero-Knowledge Proofs जैसी तकनीकें नागरिकों की गोपनीयता (Privacy) को सुरक्षित रखती हैं।

Ethereum Foundation की प्रेसिडेंट मियागुची के अनुसार, सभी नागरिकों के डिजिटल पहचान प्रमाणपत्रों का माइग्रेशन 2026 की पहली तिमाही तक पूरा कर लिया जाएगा।

भूटान ने Ethereum पर किया राष्ट्रीय ID सिस्टम का माइग्रेशन दुनिया की पहली ब्लॉकचेन पहचान प्रणाली


भूटान की तकनीकी यात्रा

भूटान की यह पहल उसे दुनिया के उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में लाती है जो ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल पहचान को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ब्राज़ील और वियतनाम जैसे देश भी आंशिक रूप से ऐसी तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन भूटान का कदम इसे पूरी तरह से ब्लॉकचेन पर निर्भर बना देता है — जो एक वैश्विक मिसाल है।

भूटान के नेशनल डिजिटल आइडेंटिटी और GovTech विभागों ने इस प्रोजेक्ट में अहम भूमिका निभाई है।

भूटान की क्रिप्टो कहानी – Bitcoin से लेकर Ethereum तक

दिलचस्प बात यह है कि भूटान पहले से ही क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दुनिया में एक लीडर बन चुका है।
यह देश अपने हिमालयी जलविद्युत संयंत्रों की नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) से Bitcoin माइनिंग करता है।

BitBo’s Bitcoin Treasuries के अनुसार, भूटान के पास वर्तमान में 11,286 Bitcoin हैं जिनकी कीमत करीब $1.31 बिलियन (10,900 करोड़) है।
इस मामले में भूटान अमेरिका, चीन, ब्रिटेन और यूक्रेन के बाद पांचवां सबसे बड़ा Bitcoin होल्डिंग राष्ट्र है।

सितंबर में, भूटान के अधिकारियों ने Binance के पूर्व CEO Changpeng Zhao (CZ) से भी मुलाकात की थी, जिससे यह अटकलें तेज़ हो गईं कि भूटान आगे और क्रिप्टो इनोवेशन पर काम कर सकता है।

“Gross National Happiness” से “Digital National Identity” तक

भूटान हमेशा से अपनी “Gross National Happiness” नीति के लिए जाना जाता रहा है, जिसमें नागरिकों की भलाई और खुशी को आर्थिक विकास से ऊपर रखा जाता है।
अब वही देश अपनी डिजिटल खुशी बढ़ाने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का सहारा ले रहा है।

इस माइग्रेशन के बाद नागरिकों को सरकारी सेवाओं, डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन, और ऑनलाइन पहचान प्रबंधन में और अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

विश्व के लिए एक मिसाल

भूटान का यह कदम विश्वभर की सरकारों को यह सोचने पर मजबूर कर सकता है कि ब्लॉकचेन केवल क्रिप्टो ट्रेडिंग का माध्यम नहीं, बल्कि डिजिटल प्रशासन (E-Governance) का भविष्य भी हो सकता है।
Ethereum ब्लॉकचेन पर आधारित यह राष्ट्रीय पहचान प्रणाली आने वाले वर्षों में अन्य देशों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।