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भाई के त्याग से बना 154 kmph का तूफान: IPL में छा गया Ashok Sharma

राजस्थान के छोटे से गांव से निकला तेज गेंदबाज, गरीबी और संघर्ष के बीच भाई ने छोड़ा सपना—आज बेटा उड़ा रहा क्रिकेट की गेंद

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Gujarat Titans के लिए खेलते हुए अशोक शर्मा, जिन्होंने 154 kmph की रफ्तार से गेंद डालकर सबको चौंका दिया

कभी घर के बाहर की संकरी गली में शुरू हुआ खेल, आज दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट मंच तक पहुंच चुका है। यह कहानी है Ashok Sharma की—एक ऐसे तेज गेंदबाज की, जिसकी रफ्तार 154 किमी/घंटा तक पहुंचती है और जिसकी मेहनत के पीछे छिपा है एक परिवार का संघर्ष।

गांव की गलियों से IPL तक

राजस्थान के एक छोटे से गांव में जन्मे अशोक शर्मा का बचपन साधारण था, लेकिन सपने बड़े थे। उनके पिता खेतों में काम करते थे, और घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी।

क्रिकेट की शुरुआत भी किसी बड़े मैदान से नहीं, बल्कि घर के बाहर गलियारे से हुई। अशोक अपने बड़े भाई Akshay Sharma के साथ खेलते थे। उनका एक ही मकसद होता—भाई को गेंद से हिट करना, और इसके लिए जरूरी था तेज गेंदबाजी।

बदले की भावना से पैदा हुई रफ्तार

अक्षय बताते हैं कि शुरुआत में वो अशोक को तेज गेंद से मारते थे। बदले में अशोक ने भी तेजी से गेंद फेंकना शुरू किया। यही खेल-खेल में शुरू हुई प्रतिस्पर्धा आज उनकी पहचान बन गई।

स्कूल क्रिकेट में जब अशोक गेंदबाजी करते, तो बल्लेबाज आउट होने से ज्यादा डरकर क्रीज छोड़ देते थे। उनकी गेंद इतनी तेज और खतरनाक थी कि कई बार बल्लेबाजों को चोट भी लगी।

आर्थिक तंगी और टूटा एक सपना

लेकिन इस कहानी में सिर्फ संघर्ष ही नहीं, त्याग भी है। परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी, और दोनों भाइयों का क्रिकेट खेलना आसान नहीं था।

ऐसे में बड़े भाई अक्षय ने अपना सपना छोड़ दिया, ताकि अशोक अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ा सकें। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन इसी त्याग ने अशोक को नई उड़ान दी।

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IPL में मिली पहचान

अशोक शर्मा को असली पहचान मिली Indian Premier League में, जहां उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा।
वह Gujarat Titans की ओर से खेलते हुए 154 kmph की रफ्तार से गेंद डालकर चर्चा में आ गए।

उनकी गेंदबाजी सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि आक्रामक और सटीक भी है—जो उन्हें खास बनाती है।

संघर्ष से सफलता तक

अशोक शर्मा की कहानी हमें यह सिखाती है कि सपनों को पूरा करने के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि परिवार का साथ और त्याग भी जरूरी होता है।

जहां एक भाई ने अपने सपनों को कुर्बान किया, वहीं दूसरा भाई आज पूरे देश का नाम रोशन कर रहा है।

आगे क्या?

अब जब अशोक शर्मा IPL में अपनी पहचान बना चुके हैं, तो उम्मीद है कि जल्द ही वह भारतीय टीम में भी जगह बना सकते हैं।

उनकी रफ्तार, मेहनत और कहानी—तीनों ही उन्हें एक खास खिलाड़ी बनाते हैं।

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