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अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होगी: अजीत पवार ने दिए आदेश, गैंगस्टर निलेश घायवाल के पासपोर्ट विवाद पर बड़ा बयान
पुणे के फरार गैंगस्टर निलेश घायवाल के फर्जी पासपोर्ट मामले पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने पुलिस को दिए सख्त निर्देश — कहा, “कानून तोड़ने वालों पर बख्शिश नहीं होगी”
दैनिक डायरी, पुणे – महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को फरार गैंगस्टर निलेश घायवाल के पासपोर्ट विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुणे पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फर्जी पासपोर्ट से विदेश भागा अपराधी
घायवाल, जो हत्या और वसूली जैसे कई गंभीर मामलों में वांछित है, के बारे में संदेह है कि वह फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश भाग गया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे प्रशासनिक नाकामी बताया है। पुलिस के अनुसार, घायवाल ने धोखाधड़ी के ज़रिए पासपोर्ट हासिल किया था।
अजीत पवार का सख्त रुख
अजीत पवार ने कहा, “मैंने पुणे पुलिस कमिश्नर को साफ निर्देश दिए हैं कि जो भी कानून की अवहेलना करेगा या नियमों को ताक पर रखेगा, उसके खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की जाए।” उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा, “मैं कल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ था और उन्होंने भी यह सुनिश्चित किया है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।”

सड़क पर गोलीबारी का मामला
हाल ही में निलेश घायवाल के गुर्गों पर पुणे शहर में एक व्यक्ति को गोली मारने का आरोप लगा था। यह घटना सड़क पर झगड़े के दौरान हुई थी, जिसके बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। इसके बाद पुलिस ने घायवाल और उसके साथियों पर मामला दर्ज किया।
मंत्री के खिलाफ उठे सवाल
घायवाल के भाई सचिन घायवाल का नाम भी हाल ही में गन लाइसेंस विवाद में सामने आया था। आरोप है कि राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने पुलिस की आपत्तियों के बावजूद सचिन को हथियार लाइसेंस जारी करने की मंजूरी दी थी।
अजीत पवार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुणे पुलिस प्रमुख ने उन्हें बताया कि भले ही गृह विभाग ने लाइसेंस को मंजूरी दी थी, लेकिन पुणे पुलिस ने उसे जारी नहीं किया। इस संबंध में भी जांच जारी है।
पासपोर्ट जांच जारी
अजीत पवार ने बताया कि फिलहाल निलेश घायवाल के पासपोर्ट मामले में विस्तृत जांच चल रही है। उन्होंने कहा, “हम पता लगा रहे हैं कि उसने पासपोर्ट कैसे हासिल किया और क्या किसी ने इस प्रक्रिया में सिफारिश की थी। अगर कोई भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

सरकार का सख्त संदेश
पवार ने दोहराया कि राज्य सरकार अपराध और राजनीतिक संरक्षण के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है। उन्होंने कहा, “कोई भी कितना बड़ा क्यों न हो, अगर उसने कानून तोड़ा है तो कार्रवाई होगी। पुणे पुलिस को मैंने पूरी स्वतंत्रता दी है कि वह अपराधियों पर सख्ती से निपटे।”
विपक्ष का हमला
विपक्षी नेताओं ने सरकार से सवाल किया है कि अगर घायवाल इतना बड़ा अपराधी था तो वह देश से बाहर कैसे निकल गया। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ एक अपराधी तक सीमित नहीं बल्कि प्रशासनिक मिलीभगत का परिणाम है।
निष्कर्ष
पुणे का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि किस तरह अपराधी सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर कानून से बच निकलते हैं। लेकिन इस बार महाराष्ट्र सरकार और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का रुख यह साफ करता है कि इस बार ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है।
