Technology
Airbus A320 क्यों हुए ग्राउंड? ज़रा-सी सॉफ्टवेयर गलती ने दुनिया भर की उड़ानों को रोक दिया!
एक छोटी-सी कंप्यूटर खराबी ने दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली एयरबस A320 फ्लीट को खतरे में डाल दिया। जानिए क्या है ELAC सिस्टम और क्यों ज़रूरी है ये सॉफ्टवेयर फ़िक्स।
दुनिया की सबसे भरोसेमंद और सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली एयरबस A320 फ्लीट इन दिनों अचानक सुर्खियों में है। यूरोपियन यूनियन सेफ़्टी एजेंसी (EASA) ने शुक्रवार को एक ऐसा अलर्ट जारी किया, जिसने अंतरराष्ट्रीय एविएशन इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया। आदेश साफ़ था—करीब 6,000 A320 विमान तब तक उड़ान नहीं भरेंगे, जब तक उनके फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम की सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर समस्या ठीक नहीं हो जाती।
यह पहली बार है जब किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण इतनी बड़ी संख्या में विमान एक साथ प्रभावित हुए हैं।
क्या हुआ था? आखिर A320 पर अचानक खतरा क्यों मंडराया?
30 अक्टूबर को JetBlue की एक A320 एयरक्राफ्ट 35,000 फीट की ऊंचाई पर क्रूज़ कर रही थी। अचानक विमान का नाक (nose) नीचे झुक गया — बिना पायलट के किसी कमांड के।
- एयरक्राफ्ट ने कुछ सेकंड में ऊंचाई खो दी
- पायलट्स ने तुरंत कंट्रोल संभाला
- विमान को Tampa में सुरक्षित उतार लिया गया
जांच में पाया गया कि खराबी ELAC (Elevator Aileron Computer) में थी — यही कंप्यूटर विमान के पंखों और टेल को ऑपरेट करता है।
ELAC का फेल होना कितना ख़तरनाक?
EASA ने चेतावनी दी—
“अगर यह समस्या ठीक नहीं की गई, तो विमान के कंट्रोल सर्फ़ेस बिना आदेश के मूव कर सकते हैं और इससे विमान की संरचनात्मक क्षमता पार हो सकती है।”
मतलब सीधी भाषा में—
अगर ELAC ने गलत डेटा पढ़ लिया, तो विमान खुद ही ऊपर-नीचे हो सकता है, जो बड़े हादसे की वजह बन सकता है।
समस्या कहाँ से शुरू हुई? सॉफ्टवेयर में क्या गड़बड़ है?
Airbus ने बताया कि हाल ही में हुए सॉफ्टवेयर अपडेट में एक कमजोर जगह (vulnerability) पाई गई है।
इस अपडेट को प्रभावित कर रही है:
तेज़ सोलर रेडिएशन (Solar Radiation)
उच्च स्तर की सौर किरणें ELAC के डेटा बिट्स को करप्ट कर देती हैं, जिससे गलत कमांड तैयार होती हैं। यही कमांड विमान के नियंत्रण को प्रभावित करती है।
कैसे होगा सॉफ्टवेयर फिक्स?
यह निर्भर करता है कि A320 का वेरिएंट कौन-सा है।
नए वेरिएंट
- सिर्फ सॉफ्टवेयर अपडेट
- कुछ घंटों में फिक्स
पुराने वेरिएंट
- पूरा ELAC कंप्यूटर बदलना पड़ेगा
- लगभग “1,000” विमानों में यह प्रक्रिया हफ्तों तक चलेगी
इसका असर दुनिया भर की उड़ानों और उनकी शेड्यूलिंग पर पड़ सकता है।

भारत पर कितना असर? DGCA ने क्या आदेश दिए?
EASA के निर्देश के बाद भारत की DGCA ने सभी एयरलाइनों को तुरंत समाधान लागू करने को कहा।
✈ IndiGo
- 200 A320 प्रभावित
- 160 का सॉफ्टवेयर अपडेट पूरा
- उड़ानें प्रभावित नहीं
✈ Air India
- 113 विमान प्रभावित
- 42 पर अपडेट पूरा
- कोई फ्लाइट कैंसिल नहीं
✈ Air India Express
- 25 विमान प्रभावित
- 4 पर फिक्स पूरा
- 8 उड़ानें देरी से
DGCA ने साफ कहा है कि रविवार शाम तक पूरा अपग्रेड पूरा हो जाएगा और इसके बाद सभी A320 सुरक्षित रूप से उड़ान भर पाएंगे।
क्या यात्री अब भी चिंतित हों?
विशेषज्ञों के मुताबिक—
- यह समस्या गंभीर लगती है, पर कंपनियों ने समय रहते नियंत्रण कर लिया
- यह घटना दिखाती है कि अत्याधुनिक विमानों में भी कंप्यूटर फेलियर कितना बड़ा जोखिम बन सकता है
एविएशन सेक्टर वर्षों से उड़ानों को और सुरक्षित बनाने के लिए टेक्नोलॉजी पर निर्भर रहा है, और यह अपडेट उसी दिशा में एक और जरूरी कदम है।
और पढ़ें DAINIK DIARY
