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सऊदी के पैसों से बने मंच पर ट्रंप ने MBS को किया शर्मिंदा — फिर बोले “फैंटास्टिक मैन”!
मियामी में सऊदी निवेश सम्मेलन में ट्रंप का वो बयान जो वायरल हो गया — MBS को ‘कमज़ोर’ राष्ट्रपतियों के सामने झुकने वाला बताया, फिर पलभर में तारीफों के पुल बाँध दिए
मियामी/वॉशिंगटन — सोचिए एक ऐसा मंच जहाँ सऊदी अरब के पैसों से कार्यक्रम सजा हो, हॉल में सऊदी अधिकारी और दुनिया भर के निवेशक बैठे हों — और उसी मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति उठकर सऊदी क्राउन प्रिंस के बारे में वो बोल दें जो किसी ने सोचा भी नहीं था। यही हुआ शुक्रवार को मियामी बीच के Faena Hotel में।
फ्लोरिडा में आयोजित Future Investment Initiative सम्मेलन में बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने उन्हें कम आँका था — और अब उन्हें उनकी “चापलूसी” करनी पड़ रही है।
क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने सम्मेलन में मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए कहा — “थोड़े समय पहले हम साथ थे और उन्होंने मुझसे कहा — ‘यह अद्भुत है, एक साल पहले आप एक मरे हुए देश थे, अब आप दुनिया के सबसे तेज़ देश हैं।’ उन्हें नहीं लगता था कि यह होगा।”
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इसके बाद ट्रंप ने जो कहा वो वायरल हो गया। उनके शब्दों का सार यह था कि MBS को यकीन नहीं था कि उन्हें इस तरह ट्रंप की तारीफ करनी पड़ेगी — उन्हें लगा था कि ट्रंप भी बाकी “हारे हुए” अमेरिकी राष्ट्रपतियों जैसे ही निकलेंगे। ट्रंप ने भीड़ से कहा — “आप उनसे कह दीजिए — उन्हें मेरे साथ अच्छे से पेश आना होगा। उन्हें आना ही होगा।”

व्हाइट हाउस ने बाद में अपनी आधिकारिक लाइव स्ट्रीम से यह हिस्सा हटा दिया — लेकिन तब तक क्लिप सोशल मीडिया पर फैल चुकी थी।
फिर अचानक पलट गए ट्रंप
जिस तरह ट्रंप ने MBS पर तीखे शब्द बोले, उतनी ही तेज़ी से उन्होंने पाला भी बदल लिया। उन्होंने MBS को “स्मार्ट” और “बहुत साधारण किस्म का इंसान” बताया और कहा — “और यह सब ईरान को मारने से पहले की बात है।”
ट्रंप ने आगे कहा कि सऊदी अरब, क़तर, UAE, बहरीन और कुवैत — सभी ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी।
NATO पर निशाना, खाड़ी की तारीफ
ट्रंप ने NATO की आलोचना करते हुए कहा कि खाड़ी देशों ने अमेरिका का जितना साथ दिया, उतना NATO ने नहीं दिया। उन्होंने क़तर के अमीर और UAE के राष्ट्रपति का नाम लेते हुए उन्हें “तीन महान लोग” बताया।
अपनी बात खत्म करते हुए ट्रंप ने कहा कि वो इतिहास में एक “महान शांतिदूत” के रूप में याद किए जाना चाहते हैं और दावा किया कि वो पहले ही “आठ युद्ध समाप्त” कर चुके हैं।
पर्दे के पीछे की असलियत
यह पूरा वाकया उस समय हुआ जब न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि MBS निजी तौर पर ट्रंप से ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने की अपील कर रहे हैं, इसे “ऐतिहासिक मौका” बता रहे हैं — जबकि सार्वजनिक रूप से सऊदी अरब शांति की बात कर रहा है।
यह सम्मेलन सऊदी अरब के एक ट्रिलियन डॉलर के Public Investment Fund (PIF) से जुड़े संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। यानी वही पैसा, वही मंच — और उसी मंच से दोस्त की बेइज़्ज़ती।
राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं — ट्रंप ने एक बार फिर यह साबित कर दिया।
