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“हम राजा नहीं मानते!” — ट्रंप के खिलाफ अमेरिका और यूरोप में लाखों लोग सड़कों पर, Springsteen ने गाया विरोध का गाना
अमेरिका के 50 राज्यों में 3,100 से ज़्यादा जगहों पर ‘No Kings’ रैली — छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक, ईरान जंग और ICE की ज़्यादतियों के खिलाफ उठी एकजुट आवाज़
वॉशिंगटन/मिनियापोलिस — शनिवार का दिन अमेरिका के इतिहास में एक नए अध्याय की तरह दर्ज हो गया। लाखों लोग सड़कों पर उतरे — हाथों में तख्तियाँ, होंठों पर नारे और मन में एक ही संदेश: “यहाँ कोई राजा नहीं चलेगा।” यह था ‘No Kings’ आंदोलन का तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन।
अनुमान है कि शनिवार को करीब 80 लाख लोगों ने इन प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। आयोजकों के मुताबिक देश भर में 3,100 से ज़्यादा इवेंट दर्ज किए गए — अक्टूबर की तुलना में 500 ज़्यादा — और सभी 50 राज्यों में प्रदर्शन हुए।
मिनेसोटा बना आंदोलन का दिल
इस पूरे प्रदर्शन की धड़कन मिनेसोटा के सेंट पॉल में धड़की, जहाँ राज्य कैपिटल के लॉन पर हज़ारों लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। कुछ लोगों के हाथों में उल्टे अमेरिकी झंडे थे — जो पारंपरिक रूप से संकट का प्रतीक माने जाते हैं।
लेकिन इस रैली को ऐतिहासिक बनाया रॉक लेजेंड Bruce Springsteen ने। उन्होंने अपना नया गाना “Streets of Minneapolis” परफॉर्म किया, जो उन्होंने फेडरल एजेंटों द्वारा Renee Good और Alex Pretti की हत्या के जवाब में लिखा था। Springsteen ने मंच से भीड़ को संबोधित करते हुए कहा — “आपकी ताकत और संकल्प ने हमें बताया कि यह अभी भी अमेरिका है।”
रैली में Joan Baez, Jane Fonda और सीनेटर Bernie Sanders भी मौजूद थे। कैपिटल की सीढ़ियों पर एक विशाल बैनर लिखा था — “हमारे पास सीटियाँ थीं, उनके पास बंदूकें। क्रांति की शुरुआत मिनियापोलिस से होती है।”
न्यूयॉर्क से इडाहो तक — हर जगह एक आवाज़
यह प्रदर्शन केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। आयोजकों ने बताया कि रैली में रजिस्ट्रेशन कराने वालों में दो-तिहाई लोग बड़े शहरों के बाहर से थे — Idaho, Wyoming, Montana, Utah और Louisiana जैसे कंज़र्वेटिव राज्यों तक से।
न्यूयॉर्क में Columbus Circle से शुरू हुई रैली 20 से ज़्यादा ब्लॉक तक मार्च करते हुए आगे बढ़ी। ऑस्कर विजेता अभिनेता Robert De Niro ने मंच से ट्रंप को “हमारी स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए एक अस्तित्वगत खतरा” बताया।
वॉशिंगटन में प्रदर्शनकारी Lincoln Memorial के पास से National Mall तक मार्च करते हुए पहुँचे। किसी की तख्ती पर लिखा था — “Put down the crown, clown” तो कोई चिल्ला रहा था “Regime change begins at home.”
Los Angeles में City Hall के सामने एक विशाल Trump Baby Blimp उड़ाया गया, San Francisco के Embarcadero Plaza में सैकड़ों लोग इकट्ठे हुए और San Diego में करीब 40,000 लोगों ने मार्च किया।

यूरोप भी बोला — “No Kings”
यूरोप में भी करीब 20,000 लोग भारी पुलिस तैनाती के बीच Amsterdam, Madrid और Rome की सड़कों पर उतरे। Paris में अमेरिकी नागरिकों के साथ-साथ फ्रेंच ट्रेड यूनियन और मानवाधिकार संगठन भी Bastille चौक पर जमा हुए।
Rome में हज़ारों लोगों ने इज़राइल-अमेरिका के ईरान पर हमलों का विरोध किया और बैनर उठाए — “A world free from wars।”
आंदोलन की माँगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारियों की मुख्य शिकायतें हैं — ट्रंप प्रशासन की आक्रामक ICE कार्रवाइयाँ, ईरान में जारी युद्ध और ट्रांसजेंडर अधिकारों पर हमले।आंदोलन का नाम ‘No Kings’ इसलिए रखा गया है क्योंकि आयोजकों का कहना है कि ट्रंप एक लोकतांत्रिक राष्ट्रपति की तरह नहीं, बल्कि एक राजा की तरह शासन कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस का जवाब
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Abigail Jackson ने इन प्रदर्शनों को “वामपंथी फंडिंग नेटवर्क” की उपज बताते हुए कहा कि जो लोग इन ‘Trump Derangement Therapy Sessions’ की परवाह करते हैं, वो केवल वो पत्रकार हैं जिन्हें इन्हें कवर करने के पैसे मिलते हैं।
लेकिन सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब कह रहा था कुछ और।
