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डेटिंग ऐप पर ‘Sherry’ बनकर बुलाया, फिर अगवा कर लूट लिया — दिल्ली में गैंग का खौफनाक खेल
नेहरू प्लेस में मिलने बुलाया और जाल में फंसा लिया — पांच आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित अनुरूप नारुला ने बताई दर्दनाक आपबीती।
दिल्ली में एक ऐसी घटना सामने आई है जो आजकल के डिजिटल ज़माने में हर उस इंसान के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अनजान लोगों से ऑनलाइन दोस्ती करता है। एक डेटिंग ऐप पर बनाई गई झूठी पहचान ने एक शख्स को अगवा और लूट का शिकार बना दिया।
कैसे बिछाया गया जाल?
दक्षिण-पूर्व दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पीड़ित अनुरूप नारुला को एक डेटिंग ऐप पर ‘Sherry‘ नाम की प्रोफाइल से संपर्क किया गया। बातों का सिलसिला बढ़ा, भरोसा जमा और फिर मिलने का न्योता आया — जगह तय हुई कालकाजी इलाके का नेहरू प्लेस।
25 मार्च की शाम अनुरूप उम्मीद लेकर वहां पहुंचे — लेकिन ‘Sherry’ नहीं मिली। उसकी जगह मिला एक गैंग, जिसने अनुरूप को घेर लिया, अगवा किया और लूट लिया।
यह ठीक उसी तरह है जैसे किसी को किसी नामी रेस्तरां में डिनर का बुलावा दिया जाए और पहुंचने पर पता चले कि दावत नहीं — दाम वसूली है।
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पुलिस ने किया खुलासा, पांच गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तेज़ी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूरे गैंग ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था — कोई जाल बिछाने वाला, कोई घेरने वाला, कोई लूटने वाला। यह कोई अचानक की गई घटना नहीं थी बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गैंग ने पहले भी ऐसी वारदातें की हैं या नहीं।

‘हनी ट्रैप’ का नया डिजिटल रूप
यह घटना दरअसल पुराने ‘हनी ट्रैप’ का नया डिजिटल अवतार है। पहले यह जाल सड़कों पर बिछाया जाता था — अब स्मार्टफोन की स्क्रीन पर बिछता है। Tinder, Bumble, Hinge जैसे डेटिंग ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाना आजकल एक संगठित अपराध बनता जा रहा है।
दिल्ली जैसे बड़े शहर में जहां अकेलापन और भीड़ दोनों एक साथ रहते हैं — वहां ऐसे गैंग आसानी से अपना शिकार ढूंढ लेते हैं।
आप कैसे बचें — ज़रूरी सावधानियां
यह खबर पढ़कर अगर आप या आपके घर में कोई भी डेटिंग ऐप इस्तेमाल करता है, तो कुछ बातें गांठ बांध लें —
पहली मुलाकात हमेशा किसी भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगह पर रखें जैसे कोई कैफे या मॉल का फूड कोर्ट — न कि किसी सुनसान पार्किंग या गली।
घर से निकलते वक्त किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य को लोकेशन ज़रूर शेयर करें।
अगर सामने वाला बार-बार जल्दी मिलने पर जोर दे या कोई अजीब जगह बुलाए तो सतर्क हो जाएं।
वीडियो कॉल करके पहले यह जांचें कि सामने वाला असली है या फर्जी फोटो से बनाई गई प्रोफाइल।
दिल्ली पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध डिजिटल संपर्क की सूचना तुरंत दें। साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अनुरूप की यह आपबीती एक सबक है — डिजिटल दुनिया में दोस्ती की आड़ में खतरा भी उतनी ही तेज़ी से दस्तक दे सकता है जितनी तेज़ी से ‘Like’ और ‘Match’ आते हैं।
