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Iran-US युद्ध का असर: India से लेकर China, Pakistan और Bangladesh तक — दुनियाभर में तेल संकट से हाहाकार, जानें किस देश ने क्या किया
Crude oil $110 प्रति बैरल के पार, Strait of Hormuz बंद होने की कगार पर — South Korea ने 30 साल में पहली बार लगाई fuel price cap, Pakistan ने किया 4 दिन का काम सप्ताह लागू
नई दिल्ली: Iran और America-Israel गठबंधन के बीच जारी युद्ध ने अब दुनिया की पूरी energy supply को हिला कर रख दिया है। सोमवार को crude oil की कीमत $110 प्रति बैरल के पार चली गई — यह स्तर 2022 के बाद पहली बार देखा जा रहा है। Strait of Hormuz पर Iran का खतरा मंडराता देख Saudi Arabia — दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक — अपना उत्पादन घटाने पर मजबूर हो गया है। UAE, Kuwait और Iraq ने भी ऐसे ही कदम उठाए हैं।
आम भाषा में समझें तो — petrol, diesel और jet fuel सभी crude oil से बनते हैं। जब crude महँगा होता है, तो हर वो चीज़ महँगी होती है जो इन ईंधनों पर चलती है — कार, बस, ट्रक, हवाई जहाज़ और कारखाने। यानी यह संकट सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं — यह सब्ज़ी की थैली से लेकर हवाई टिकट तक हर चीज़ पर असर डाल रहा है।
आइए देखें, किस देश ने इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए —
India — रिफाइनरियों को बढ़ाने का आदेश, होटलों के लिए समिति
India ने सबसे पहले अपने घरों की चिंता की। Ministry of Petroleum and Natural Gas (MoPNG) ने सभी oil refineries को आदेश दिया कि वे LPG का उत्पादन तुरंत बढ़ाएं और उसे घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित रखें। मंत्रालय ने कहा — “मौजूदा भू-राजनीतिक संकट और LPG आपूर्ति की बाधाओं को देखते हुए, रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।”
साथ ही Indian Oil (IOCL), BPCL और HPCL के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है जो रेस्तरां, होटल और अन्य non-domestic sectors को LPG आपूर्ति की समीक्षा करेगी। लेकिन ज़मीनी हाल यह है कि Bengaluru और Chennai में रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं और Mumbai से Gurugram तक होटल मालिक घबराए हुए हैं।
Pakistan — 4 दिन का काम सप्ताह, सरकारी गाड़ियों में आधा तेल
पड़ोसी देश Pakistan के लिए यह संकट और भी भारी साबित हो रहा है क्योंकि वो तेल के लिए Middle East पर लगभग पूरी तरह निर्भर है। PM Shehbaz Sharif ने सोमवार को एक दर्जन से ज़्यादा austerity measures का ऐलान किया।
इनमें सबसे चौंकाने वाला फैसला है — सप्ताह में सिर्फ 4 दिन काम। सरकारी दफ्तरों में आधे कर्मचारी ही बुलाए जाएंगे। अगले दो महीने सरकारी खर्च 20% घटाया जाएगा और सरकारी वाहनों को मिलने वाला ईंधन आधा कर दिया जाएगा। यह सब इसलिए क्योंकि शनिवार को Pakistan ने fuel prices में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की — देश के इतिहास की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी।
China — पहले से कर ली थी तैयारी, अब export रोका
China ने इस संकट से काफी पहले ही अपनी चाल चल दी थी। साल के पहले दो महीनों में Beijing ने strategic और commercial reserves भरने के लिए crude oil की खरीद बढ़ा दी थी — ताकि अगर युद्ध लंबा खिंचे तो देश को कोई कमी न हो।
अब जब तेल संकट गहरा गया है तो China ने एक और अहम कदम उठाया है — refineries को नए fuel export contracts साइन करने से रोक दिया गया है और पहले से तय कुछ shipments रद्द करने की कोशिश हो रही है। यानी China पहले अपने घर का ईंधन सुरक्षित करना चाहता है।
Bangladesh — universities बंद, Eid holidays जल्दी शुरू
Bangladesh में हालत बेहद चिंताजनक है। रविवार को सरकार ने fuel stock का निरीक्षण कराया और fuel rationing लागू कर दी — यानी अब हर वाहन एक तय सीमा से ज़्यादा ईंधन नहीं भरवा सकता। Dhaka में panic buying और hoarding की खबरें आ रही थीं।
सोमवार से सभी universities बंद कर दी गई हैं और Eid al-Fitr की छुट्टियाँ जल्दी शुरू कर दी गई हैं — सिर्फ इसलिए कि बिजली और ईंधन की खपत कम हो सके। यह दिखाता है कि छोटे और आयात-निर्भर देशों पर इस युद्ध की मार कितनी तेज़ है।
South Korea — 30 साल बाद fuel price cap
South Korea के राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला लिया — करीब 30 साल बाद पहली बार देश में domestic fuel prices पर cap लगाई जाएगी। यानी सरकार तेल कंपनियों को मनमाने दाम बढ़ाने से रोकेगी।
इसके साथ ही South Korea ने ऐसे ऊर्जा स्रोतों की तलाश शुरू कर दी है जो Strait of Hormuz से न गुज़रते हों — ताकि Iran के इस जलमार्ग पर नियंत्रण का असर कम से कम हो।

Japan — national oil reserve को किया alert
Japan भी इस संकट से बेफिक्र नहीं है। देश अपनी ज़रूरत का 95% तेल Middle East से मँगाता है। रविवार को सरकार ने Shibushi national oil storage base को तैयार रहने का आदेश दिया — ताकि अगर ज़रूरत पड़े तो national crude reserves तुरंत बाज़ार में उतारे जा सकें।
Vietnam — Work From Home की अपील
Vietnam की सरकार ने businesses से अपील की है कि वे कर्मचारियों को घर से काम करने दें ताकि fuel की खपत कम हो सके। सरकार ने माना कि यह युद्ध शुरू होने के बाद से Vietnam सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों में से एक है।
Egypt — diesel के दाम बढ़ाए
Egypt ने मंगलवार को कई fuel products की कीमतें बढ़ा दीं। petroleum ministry ने इसे “Middle East में असाधारण भू-राजनीतिक स्थिति” का नतीजा बताया। Diesel की कीमत 17.50 से बढ़कर 20.50 Egyptian pounds हो गई।
आगे क्या?
यह तस्वीर बताती है कि Iran-US युद्ध अब सिर्फ Middle East का मामला नहीं रहा। Asia से Africa तक, हर देश अपने-अपने तरीके से इस संकट से लड़ रहा है। सवाल यह है कि जब तक यह जंग नहीं रुकती — तब तक दुनियाभर के आम लोगों की जेब पर चोट पड़ती रहेगी, चाहे वो Bengaluru में रेस्तरां मालिक हो, Dhaka में university student हो, या Seoul में पेट्रोल पंप पर खड़ा कोई आम नागरिक।
