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Iran के 3 युद्धपोतों को India ने दी थी शरण — Jaishankar का Rajya Sabha में बड़ा खुलासा, 10 लाख भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
EAM S Jaishankar ने बताया — February 28 को Iran ने माँगी थी Permission, March 1 को दी गई मंज़ूरी — Strait of Hormuz बंद होने से India की Energy Security पर मंडरा रहा खतरा
New Delhi। US-Iran War के बीच India की भूमिका और रणनीति को लेकर सोमवार को Rajya Sabha में एक बड़ा खुलासा हुआ। विदेश मंत्री S Jaishankar ने सदन को बताया कि Iran ने February 28 को अपने तीन युद्धपोतों के लिए India के बंदरगाहों पर Dock करने की Permission माँगी थी, जो March 1 को दे दी गई।
यह वही दिन था जब America और Israel ने Iran पर हमले शुरू किए थे।
IRIS Lavan पहुँचा Kochi, दो जहाज़ों की दुखद कहानी
Jaishankar ने बताया कि IRIS Lavan नाम का युद्धपोत March 4 को Kochi में Dock हुआ। इसके Crew को अभी Indian Naval Facilities में रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह एक मानवीय फैसला था और Iran के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने इस Gesture के लिए India का आभार भी व्यक्त किया।
लेकिन बाकी दो जहाज़ों की कहानी दुखद रही। IRIS Dena को March 4 को एक US Submarine ने Torpedo मारकर डुबो दिया। तीसरे जहाज़ IRIS Booshehr को Sri Lanka ने शरण दी और उसके 208 Crew Members को एक Naval Camp में रखा गया।
युद्ध India के लिए ‘गहरी चिंता’ का विषय
Jaishankar ने Rajya Sabha में कहा कि February 28 से शुरू हुई यह जंग India के लिए “गहरी चिंता” का विषय है। उन्होंने साफ कहा कि India शांति का पक्षधर है और वह चाहता है कि Dialogue और Diplomacy के ज़रिए तनाव कम हो। उन्होंने De-escalation, Restraint और नागरिकों की सुरक्षा की वकालत की।
10 Million भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
West Asia में फिलहाल करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं। इनमें से 80 लाख से ज़्यादा सिर्फ Saudi Arabia और UAE में हैं — जो दोनों Iran के Drone और Missile हमलों की चपेट में आ चुके हैं। Jaishankar ने स्पष्ट किया कि इन सभी भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अब तक करीब 67,000 भारतीय नागरिक Commercial Flights से West Asia से वापस लौट चुके हैं। March 7 को 15, March 8 को 49 और March 9 को 50 Inbound Flights संचालित हुईं। Dubai, Doha और Abu Dhabi में फँसे Transit Passengers की मदद के लिए Indian Diplomats तैनात हैं।
Strait of Hormuz बंद — India की Energy Security खतरे में
Iran ने Strait of Hormuz को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है — यह वह जलमार्ग है जिससे India के 50% तेल का आयात होता है। इसका नतीजा यह हुआ कि Crude Oil की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गईं — Russia के Ukraine पर हमले के बाद पहली बार ऐसा हुआ है।
India दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Crude Oil खरीदार है और अपनी 85% ज़रूरत Imports से पूरी करता है। Jaishankar ने कहा कि India अपनी Energy Security सुनिश्चित करने के लिए उपलब्धता, लागत और बाज़ार के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है। उन्होंने कहा — “भारतीय उपभोक्ता का हित हमेशा सर्वोपरि रहा है और रहेगा।”

$200 Billion का Trade — Supply Chain में खलल
India और West Asian देशों के बीच सालाना लगभग $200 Billion का व्यापार होता है। इसके अलावा पिछले एक दशक में West Asia से India में भारी निवेश भी आया है। Jaishankar ने कहा कि Supply Chain में गड़बड़ी और अस्थिरता का माहौल India के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
दो Indian Mariners की मौत, एक लापता
Jaishankar ने यह भी बताया कि Merchant Shipping पर हमलों में अब तक दो भारतीय Mariners की मौत हो चुकी है और एक अभी भी लापता है। उन्होंने Shipping Companies से कहा है कि वे Indian Seafarers को Iran न भेजें।
PM Modi ने की Gulf Leaders से बात
Jaishankar ने बताया कि PM Narendra Modi ने UAE के राष्ट्रपति, Qatar के अमीर, Saudi Arabia और Kuwait के Crown Princes, Bahrain और Jordan के Kings, Oman के Sultan और Israel के PM से बात की है। सभी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
Jaishankar ने खुद Araghchi से February 28 और March 5 को बात की है और कहा कि आने वाले दिनों में ये High-Level संपर्क जारी रहेंगे।
